हजारीबाग:
झारखंड भाजपा की ओर से 25 अप्रैल को जनाक्रोश रैली का आयोजन किया जायेगा। रांची के मोरहाबादी मैदान में प्रस्तावित इस रैली दरअसल, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के खिलाफ विरोध जताने के लिए आयोजित की जा रही है। दरअसल, संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का संशोधित प्रस्ताव पारित नहीं हो सका था। इसे लेकर झारखंड की भी सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे विपक्ष की महिला विरोधी मानसिकता करार देते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। इसी सिलसिले में हजारीबाग पहुंचे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस और झामुमो गठबंधन पर तीखा हमला बोला।

मोराबादी से शुरू होगा आंदोलन का शंखनाद
आदित्य साहू ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी 25 अप्रैल को रांची के मोराबादी मैदान में एक विशाल 'जन आक्रोश रैली' आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि "यह आंदोलन केवल एक रैली नहीं, बल्कि उन ताकतों के खिलाफ जनता की आवाज है जिन्होंने नारी शक्ति को आगे बढ़ने से रोका है। हम गांव-गांव जाकर लोगों को बताएंगे कि कैसे विपक्ष ने महिलाओं के हक पर कैंची चलाई है।"

595 मंडलों में होगी पदयात्रा और पुतला दहन
रणनीति साझा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि भाजपा राज्य के सभी 595 मंडलों में सड़क पर उतरेगी। 25 से 31 अप्रैल के बीच प्रदेश के हर मंडल में 'आक्रोश पदयात्रा' निकाली जाएगी, जिसके समापन पर कांग्रेस और विपक्षी दलों का पुतला दहन किया जाएगा। साहू ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में अनुकूल परिस्थितियां बनते ही केंद्र सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करेगी, ताकि वे राष्ट्र निर्माण और नीति निर्धारण में मुख्य भूमिका निभा सकें।
नीरा यादव ने विपक्ष को संकीर्ण मानसिकता का बताया
इस दौरान कोडरमा विधायक नीरा यादव ने भी विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिला सशक्तिकरण का केवल ढोंग करते हैं। पूर्व मंत्री नीरा यादव ने कहा कि विपक्ष का रवैया बेहद निंदनीय और असंवेदनशील रहा है। जब भी महिलाओं को अधिकार देने का ठोस समय आता है, कांग्रेस की स्वार्थपूर्ण और संकीर्ण मानसिकता उजागर हो जाती है। झारखंड की महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले समय में जरूर लेंगी।
संसद में प्रस्ताव गिरने के बाद भाजपा ने इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना लिया है। 25 अप्रैल की रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है।