द फॉलोअप डेस्क
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने विधानसभा परिसर में कथित रूप से गार्ड, मार्शल, सिपाहियों और चपरासियों के साथ हुए व्यवहार को लेकर कांग्रेस के कुछ मंत्रियों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सरकारी कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में मर्यादा का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
रांची में जारी बयान में शाही ने कांग्रेस कोटे के मंत्रियों शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका सिंह पांडेय, इरफान अंसारी और राधाकृष्ण किशोर के आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक निराशा और अंदरूनी असंतोष का असर कर्मचारियों पर नहीं पड़ना चाहिए।

कर्मचारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार स्वीकार्य नहीं
भानु प्रताप शाही ने कहा कि राज्य के सिपाही, मार्शल और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके सम्मान की रक्षा करना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का अपमानजनक व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने संबंधित मंत्रियों से सार्वजनिक रूप से कर्मचारियों से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो भाजपा इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करने पर विचार करेगी। साथ ही उन्होंने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठनों से भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देने की अपील की।

भाजपा ने निष्पक्ष जांच की मांग की
भानु प्रताप शाही ने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर कांग्रेस नेताओं में बेचैनी दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण ऐसे विवाद सामने आ रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन इसका असर कर्मचारियों के सम्मान और कार्यस्थल के माहौल पर नहीं पड़ना चाहिए। भाजपा ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और कर्मचारियों के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।