रांची
राजधानी रांची में बायोम इंस्टीट्यूट का वार्षिक सम्मान समारोह रविवार को आयोजित किया गया। समारोह में नीट यूजी 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को कैश प्राइज, मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसमें 6 स्टूडेंट्स के बीच पांच लाख से ज्यादा का कैश प्राइज दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में रिम्स के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ आनंद प्रकाश (एमबीबीएस, एमसीएच) उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ राकेश कुमार (एमबीबीएस, एमडी, पीडियाट्रिक्स, बीएचयू) एवं डॉ मनीषा चौधरी (एमबीबीएस, डीजीओ) मौजूद रहीं। वहीं ब्लेसिंग गेस्ट के रूप में डॉ कुमार दीपक (एमबीबीएस, एमएस, एमसीएच, न्यूरोसर्जरी) तथा ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, नामकुम की विशेषज्ञ डॉ स्मृति सागर (एमबीबीएस, एमएस-ऑब्स एंड गायनी, एफएमएएस, डीएमएएस) शामिल हुए।

इन्हें किया गया सम्मानित
समारोह में दो वर्षीय क्लासरूम प्रोग्राम के टॉपर अक्षत प्रेम को 1,11,000 का कैश प्राइज देकर सम्मानित किया गया। वहीं एक वर्षीय क्लासरूम प्रोग्राम के छात्र शाकिब अहमद को 1,00,000, अक्षय सिन्हा को 85,000, सुमित सौरभ को 75,000, श्रेया सुमन को 75,000 तथा मयंक राज को 75,000 का कैश प्राइज, मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा भी अन्य स्टूडेंट्स को सम्मानित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों के अभिभावक, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यकम में कुल 175+ बच्चों को सम्मानित किया गया।

मेहनत, समर्पण, सेवा भाव के साथ आगे बढ़ें
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ आनंद प्रकाश ने कहा कि मेडिकल क्षेत्र में सफलता केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निरंतर सीखने, अनुशासन और सेवा भावना का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के बाद भी मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ने की अपील की। डॉ राकेश कुमार ने कहा कि नीट जैसी कठिन परीक्षा में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास, सही मार्गदर्शन और अनुशासन से मिलती है। डॉ मनीषा चौधरी ने कहा कि चिकित्सा का पेशा सेवा और समर्पण का क्षेत्र है। अपने ज्ञान और कौशल से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें। डॉ कुमार दीपक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश सफलता की शुरुआत है, मंजिल नहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को लगातार सीखने, शोध की भावना विकसित करने और मरीजों के प्रति संवेदनशील रहने की सलाह दी।

चिकित्सा सेवा को मानवता की सेवा का माध्यम बनाने का आह्वान
डॉ स्मृति सागर ने कहा कि आज के विद्यार्थी देश की भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने तथा चिकित्सा सेवा को मानवता की सेवा का माध्यम बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर बायोम इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर पंकज सिंह ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित टेस्ट सीरीज, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी का परिणाम है कि संस्थान के विद्यार्थी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।