पटना
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में इस बार बिहार के कई अभ्यर्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इन्हीं में एक नाम आकांक्षा सिंह का भी है, जिन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल कर खास पहचान बनाई है। आकांक्षा सिंह को अंतिम परिणाम में 301वां स्थान मिला है।
आकांक्षा सिंह उस परिवार से आती हैं, जो कभी बिहार की जातीय हिंसा के दौर में चर्चा में रहा था। वे रणवीर सेना के प्रमुख रहे ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती और इंदु भूषण सिंह की बेटी हैं। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाने वाली यूपीएससी में सफलता हासिल कर उन्होंने अपने परिवार और भोजपुर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

इस बार यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में कुल 958 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। परीक्षा में राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल कर टॉप किया है। वहीं बिहार के कई अभ्यर्थियों ने भी शीर्ष स्थानों में जगह बनाई है।
बिहार से टॉप 10 में दो और टॉप 20 में कुल चार अभ्यर्थी शामिल हैं। चौथे स्थान पर मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला रहे, जबकि दसवें स्थान पर पटना के उज्ज्वल प्रियांक ने जगह बनाई। इसके अलावा सोलहवें स्थान पर औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव और बीसवें स्थान पर नवादा के रविराज शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त भी बिहार के कई अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में सफलता हासिल की है। बेगूसराय की रूचि सिंह ने 171वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि आकांक्षा सिंह ने 301वीं रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा में अपनी जगह बनाई है। इस परिणाम के साथ एक बार फिर बिहार के युवाओं ने सिविल सेवा परीक्षा में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है और राज्य के कई जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा में सफलता हासिल की है।
