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गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजते हैं तो रहें सावधान, फर्जी नंबर डालकर ठगी करने वाले 3 साइबर अपराधी गिरफ्तार

गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजते हैं तो रहें सावधान, फर्जी नंबर डालकर ठगी करने वाले 3 साइबर अपराधी गिरफ्तार

जामताड़ा:
Jamtara News: अगर आप कस्टमर केयर (Customer Care) का नंबर गूगल (Google) पर खोज रहे हैं, तो थोड़ा रुक जाएं, क्योंकि गूगल के सर्च इंजन (Search Engine) में साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) से बचने के लिए खोजे गए कस्टमर केयर नंबर की जगह फ्रॉड करने वालों का नंबर मिल सकता है। इसी गूगल सर्च इंजन पर विभिन्न कंपनियों के नाम से फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर देशभर के लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर साइबर गिरोह का जामताड़ा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गठित विशेष टीम ने नारायणपुर थाना (Narayanpur Police Station) क्षेत्र से तीन साइबर अपराधियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

झाड़ियों में छिपकर चला रहे थे ठगी का नेटवर्क
साइबर पुलिस उपाधीक्षक अमित रविदास के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी गुरुवार को साइबर थाना में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी गई। साइबर डीएसपी ने बताया कि पुलिस टीम ने नारायणपुर थाना क्षेत्र के मुरलीपहाड़ी से ईदगाह मोड़ जाने वाली सड़क पर फुलझरिया स्थित पानी टंकी के पास बांस की झाड़ियों में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से 4 मोबाइल फोन और 6 सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए हैं।

एक ही गांव के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान नारायणपुर थाना क्षेत्र के बंदरचुआ गांव निवासी आरिफ अंसारी (28 वर्ष), शाहजहां अंसारी (40 वर्ष) और जिसान अंसारी (24 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया है कि ये तीनों लंबे समय से इस तरह के साइबर अपराधों में शामिल थे और इनका जाल देश के अलग-अलग राज्यों तक फैला हुआ था।

स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाकर खाली करते थे खाते
पुलिस की जांच में आरोपियों के अपराध करने के तरीके का खुलासा हुआ है। आरोपी गूगल पर ई-कॉमर्स, ई-पेमेंट वॉलेट और उपभोक्ता सामान बनाने वाली बड़ी कंपनियों के नाम से अपने फर्जी मोबाइल नंबर ‘कस्टमर केयर’ के रूप में अपलोड कर देते थे। जब भी कोई पीड़ित मदद के लिए इन नंबरों पर संपर्क करता, तो आरोपी समस्या दूर करने के बहाने उसके मोबाइल में ‘स्क्रीन शेयरिंग ऐप’ डाउनलोड करवा लेते थे। ऐप के जरिए वे पीड़ित के फोन का पूरा एक्सेस हासिल कर बैंक खाते की गोपनीय जानकारी चुरा लेते थे और पलक झपकते ही पैसे साफ कर देते थे।

विभिन्न संगीन धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में जामताड़ा साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 65/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस सफल छापेमारी टीम में साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुलिस निरीक्षक गुलशन कुमार सिंह, सहायक अवर निरीक्षक हीरालाल महतो और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

सावधानी ही बचाव: पुलिस की अपील
मामले का खुलासा करते हुए जामताड़ा पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि गूगल सर्च से सीधे मिले किसी भी कस्टमर केयर नंबर पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा न करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें और अपने बैंक खाते या ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
 

Tags - Jamtara Cyber Crime Cyber Fraud Jamtara News Fake Customer Care Screen Sharing App Scam