द फॉलोअप डेस्क
झुमरी तिलैया, कोडरमा और डोमचांच निकाय चुनावों में बैलेट पेपर से मतदान होने के कारण बड़ी संख्या में वोट रद्द हो रहे हैं। कोडरमा जिले में नगर निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने का असर अब मतगणना में साफ दिखाई देने लगा है। कई वार्डों में तो ऐसी स्थिति बन गई है कि कुछ प्रत्याशियों को मिले वैध मतों से अधिक संख्या में मत रद पाए गए हैं। यही हाल अध्यक्ष पद की मतगणना में भी देखने को मिल रहा है। मतों के निरस्तीकरण के पीछे मुख्य कारण मतदान के तरीकों को लेकर मतदाताओं की जागरूकता और प्रशिक्षण का अभाव बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि कई मतदाताओं ने निर्धारित स्थान पर मुहर लगाने के बजाय अंगूठे का निशान लगा दिया, तो कई ने एक से अधिक स्थानों पर मुहर या अंगूठा अंकित कर दिया। वहीं, कुछ मतपत्रों पर अस्पष्ट निशान भी पाए गए, जिन्हें नियमों के तहत अमान्य घोषित करना पड़ा। दरअसल लंबे समय बाद निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराए गए हैं। पिछले कई वर्षों से मतदाता ईवीएम मशीन के जरिए मतदान करने के अभ्यस्त हो चुके थे। ऐसे में पारंपरिक मतपत्र प्रणाली को लेकर पर्याप्त जागरूकता और प्रशिक्षण का अभाव सामने आया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि रद मतों की संख्या अधिक होने से किसी प्रत्याशी का गणित बिगड़ सकती है। ऐसे में वास्तविक जनादेश पर भी असर डाल सकती है। बहरहाल, अब सबकी नजर अंतिम परिणाम पर टिकी हुई है।
