हजारीबाग
राज्य के चर्चित वन भूमि घोटाले में आरोपी हजारीबाग के पूर्व उपायुक्त विनय चौबे को बड़ी राहत नहीं मिल सकी। हजारीबाग निगरानी (एसीबी) की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। दो दिन पहले पूरी हुई सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रखा था, जिसे मंगलवार को जारी किया गया। इसकी पुष्टि विनय चौबे के अधिवक्ता शंकर बनर्जी ने की।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सह विशेष न्यायालय (निगरानी) की न्यायाधीश आशा देवी भट्ट की अदालत में यह सुनवाई हुई। अदालत ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष—दोनों की दलीलें सुनने के बाद 3 दिसंबर को आदेश के लिए तिथि तय की थी। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता शंकर बनर्जी ने पैरवी की। यह मामला निगरानी वाद संख्या 11/25 से संबंधित है।
एसीबी ने जांच के दौरान विनय चौबे को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की थी। उन पर हजारीबाग के उपायुक्त रहते वन भूमि घोटाले में शामिल रहने का आरोप है। उनकी ओर से 14 नवंबर 2025 को जमानत याचिका दायर की गई थी। पहली सुनवाई 17 नवंबर को हुई, जिसमें अदालत ने अभियोजन से केस डायरी मांगी थी। केस डायरी उपलब्ध होने के बाद दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर अदालत ने आदेश सुरक्षित रखा और अंततः जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
