रांची
अपनी ही पुश्तैनी जमीन (Ancestral Land) पर खून-पसीने की कमाई से तिल-तिल कर बनाए गए नए घर (New House) में घुसकर भू-माफियाओं (Land Mafia) और दबंगों (Powerful Miscreants) ने सरेआम ताला जड़ दिया। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition), सह भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने पीड़ित परिवार (Victim Family) के पक्ष में आवाज उठाते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मामले में जल्द से जल्द जांच (Investigation) करते हुए कार्रवाई (Action) की जाये। मिली खबर के मुताबिक पीड़ित परिवार की पल्लवी दत्ता राय (Pallavi Dutta Rai), संदीप हारू (Sandeep Haru) की पत्नी, उनके विकलांग पति (Disabled Husband) और बुजुर्ग परिजनों (Elderly Family Members) के साथ मारपीट (Assault) भी की गई है। हद तो तब हो गई, जब नामकुम थाना (Namkum Police Station) की पुलिस (Police) इन भू-माफियाओं के सामने पूरी तरह नतमस्तक नजर आई। पुलिस आती है, खानापूर्ति (Formalities) करती है और उसके जाते ही दबंग फिर जेसीबी (JCB Excavator) लेकर कब्जा (Illegal Encroachment) जमाने पहुंच जाते हैं।
दस्तावेज और पार्टीशन डीड मौजूद होने के बावजूद हुई धांधली
मरांडी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी है कि 85 वर्षीय बुजुर्ग ससुर के नाम पर पुश्तैनी जमीन के कागजात, आजादी से पहले के दस्तावेज और पार्टीशन डीड मौजूद होने के बावजूद संदीप गाड़ी और मनोज पांडे जैसे कथित भू-माफियाओं का यह खुला तांडव जारी है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि आखिर किसके संरक्षण में भू-माफियाओं के इतने हौसले बुलंद हैं? पुलिस-प्रशासन की कथित मिलीभगत और इस पूरे मामले में पुलिस की निष्क्रियता चीख-चीखकर बता रही है कि झारखंड में कानून का राज नहीं, बल्कि भू-माफियाओं का राज चल रहा है। मरांडी ने आगे कहा, जब आम आदमी अपनी ही पुश्तैनी जमीन और घर की सुरक्षा नहीं कर सकता, तो फिर इस सरकार में न्याय और कानून-व्यवस्था की उम्मीद किससे की जाए?