द फॉलोअप डेस्क
झामुमो ने प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी पर निकाय चुनाव के दौरान आदर्श चुनाव आचार संहिता के घोर उल्लंघन का आरोप लगाया है। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि गिरिडीह के जिस होटल में बाबूलाल मरांडी रुके थे, दो सौ समर्थकों के साथ भोजन कर रहे थे। वहां चुनाव को प्रभावित करने के लिए मोटी रकम बांटी गयी। बाबूलाल मरांडी का कहना है कि वह जहां कहीं जाते हैं डेढ़-दो सौ समर्थक उनके साथ रहते हैं। वे उनके साथ खाना खाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि देश में झोपड़ी से लेकर फाइव स्टार होटल ही क्यों न हो, बगरै पूर्व सूचना के क्या वह अचानक 200 लोगों को मीट भात खिला सकता है। होटल में बाबूलाल मरांडी के साथ जमावड़ा के पीछे चुनाव को प्रभावित करन की साजिश थी। बाबूलाल मरांडी के प्रति झामुमो द्वारा कुछ ज्यादा ही प्रेम प्रदर्शित किए जाने के सवाल पर सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि वह राज्य के पहले मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली ईद में मुसलमानों पर गोलियां चलवायी। तपकड़ा हो या फील्ड फायरिंग रेंज में गोली चलवायी। डोमेसाइल आंदोलन में आदिवासियों पर रांची में गोली चलवायी। झारखंड के बुनियाद में उन्होंने जो मट्ठा डालने का काम किया, उसका परिणाम है कि 20 वर्ष के गैपहोल को भरने में सरकार को छह साल का समय लग गया है। सुप्रियो भट्टाचार्य सोमवार को मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहु द्वारा निकाय चुनाव के मतदान से ठीक एक दिन पूर्व मंईयां सम्मान योजना की राशि भेज कर मतदाताओं को प्रलोभित करने के आरोप पर सुप्रियो भट्टाचार्य ने बिहार की घटना को याद कर लेने की सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होने से एक घंटे पूर्व महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपए भेजे गए थे। आदित्य साहु को इस बारे में चुनाव के दौरान बिहार के सह प्रभारी रहे दीपक प्रकाश से पूछ लेना चाहिए। प्रत्येक बूथ पर अर्द्ध सैनिक बलों की तैनाती और सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग पर सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव को सेना के हवाले कर देना चाहिए।एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 48 नगर निकायों में 50 फीसदी से अधिक निकायों के अध्यक्ष और मेयर पद पर झामुमो समर्थित प्रत्याशियों की जीत होगी। उन्होंने कहा कि डालटेनगंज में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा मेयर प्रत्याशी अरुणा शंकर को करुणा शुक्ला बता दिए जाने के बाद अखबारों में विज्ञापन दिया गया। अरुणा शंकर द्वारा अपने को बनिया की बेटी बताया गया। इस तरह भाजपा अब धर्म संप्रदाय से ऊपर उठ कर जाति पर आ गयी है।
