द फॉलोअप डेस्क
प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार द्वारा खरीदे गए 17 बूलेट प्रूफ वाहनों की क्वालिटी और अनुपयोग पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। उसमें कहा है कि दिसंबर 2024 में 17 बुलेट प्रूफ वाहनों की खरीद की गयी थी। इनमें तीन बुलेट प्रूफ वाहन मुख्यमंत्री के उपयोग में लगाया गया था। दो वाहन राजभवन को दिया गया। शेष 12 बुलेट प्रूफ वाहन हेडक्वार्टर क्विक रिस्पॉस टीम के लिए सुरक्षित रखा गया। बाबूलाल मरांडी का कहना है कि हेड क्वार्टर को दिए गए वाहनों में तीन-चार वाहनों का ही लगातार उपयोग किया जा रहा है। शेष वाहन पड़े पड़े बेकार होते जा रहे हैं। आने वाले समय में ये बर्बाद हो सकते हैं।
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बाबूलाल मरांडी ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिले बुलेट प्रूफ वाहनों पर भी सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को उपलब्ध कराए गए वाहन दस से 12 साल पुराने हो चुके हैं। इनमें अधिकतर वाहन दो लाख किलोमीटर से अधिक चल चुका है। अक्सर ये वाहन खराब भी हो जा रहे हैं। इसलिए हेड क्वार्टर में पड़े बुलेट प्रूफ वाहनों को मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी जैसे शीर्ष अधिकारियों को आवंटित कर दिया जाना चाहिए। पड़े पड़े ये वाहन खराब नहीं होंगे और सरकारी राशि का सदुपयोग हो सकेगा।
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