गिरिडीह:
भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता पहली बार चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठा रहे हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने के बाद से लगातार अलग-अलग मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
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ईवीएम से लेकर ‘वोट चोरी’ तक के आरोपों का जिक्र
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कभी ईवीएम को लेकर सवाल उठाए गए, कभी राफेल का मुद्दा उठाया गया और अब ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुद्दे बदलते रहते हैं, लेकिन आरोपों के समर्थन में ठोस आधार और प्रमाण सामने नहीं रखे जाते। मरांडी ने आरोप लगाया कि ऐसे बयानों के जरिए जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
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चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस का किया जिक्र
मरांडी ने कहा कि हाल के दिनों में एक अखबार में प्रकाशित खबर के बाद विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर हंगामा शुरू किया। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के अन्य पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से संबंधित निर्णय को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही गई थी। चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग ने अलग-अलग मौकों पर जवाब भी दिया है।
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कांग्रेस पर अराजकता का माहौल बनाने का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस का प्रयास देश में अराजकता का माहौल पैदा करने और केंद्र की मोदी सरकार को बदनाम करने का है। उन्होंने कहा कि देश की जनता पूरे घटनाक्रम को देख और समझ रही है।
विदेश नीति को लेकर भी कांग्रेस पर साधा निशाना
मरांडी ने कांग्रेस पर विदेश नीति से जुड़े मामलों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कभी पाकिस्तान तो कभी चीन के हितों के अनुरूप बयान देती है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के राजनीतिक रवैये का जवाब देगी।
‘वोट चोरी’ को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
गौरतलब है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पिछले कुछ समय से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं। सितंबर 2026 में राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को लेकर लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है। वहीं, भाजपा और चुनाव आयोग की ओर से कांग्रेस के आरोपों को चुनौती दी गई है। ऐसे में ‘वोट चोरी’ को लेकर कांग्रेस, भाजपा और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक और सार्वजनिक बहस जारी है।