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14th JPSC प्रकरण : PT के 5 लाख, मेंस में 25 और इंटरव्यू के लिए 10 लाख; 40 लाख में बनते हैं अधिकारी- बाबूलाल मरांडी

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द फॉलोअप डेस्क:

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दावा किया है कि जेपीएससी सिविल सेवा पीटी परीक्षा पास कराने के एवज में अभ्यर्थियों से 5 लाख रुपये लिए जाते हैं। मेंस परीक्षा के लिए 25 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ता है और इंटरव्यू में कुल 10 लाख रुपये वसूले जाते हैं। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 40 लाख रुपया देना पड़ता है, तब कहीं अधिकारी बनता है। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा कथित गड़बड़ी मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत बहुत कमजोर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अभी तक यही पता नहीं है कि मामले में शिकायतकर्ता कौन है। उन्होंने कहा कि एफआईआर  की कॉपी सार्वजनिक नहीं हुई है।   

बाबूलाल मरांडी को CID की जांच पर भरोसा नहीं
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए, क्योंकि सीआईडी की जांच विश्वसनीय नहीं है। बाबूलाल मरांडी ने सीआईडी के अपर महानिदेशक मनोज कौशिक को सरकार का चहेता बताते हुए सवाल किया कि आखिर उन्हें क्यों 3 पदों पर रखा गया है? बाबूलाल मरांडी ने अधिकारी पर खनिज में उगाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कभी अनुराग गुप्ता और विनय कुमार चौबे भी सरकार के चहेते हुए करते थे, जिनका हश्र सबको मालूम है। उन्होंने कहा कि जेएसएससी के सचिव सुधीर गुप्ता भी बहुत भ्रष्ट व्यक्ति हैं। आयोग के मातहत ली गई परीक्षाओं की सीबीआई जांच होनी चाहिए। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि सीआईडी जांच के जरिये सारे सबूत मिटा दिए जायेंगे। 

एल खियांगते पर मुकदमा दर्ज करने की मांग
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा में  कथित गड़बड़ी की सीआईडी जांच पर सवाल उठाया है।  बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इससे पहले जेएसएससी सीजीएल प्रकरण की जांच भी सीआईडी ने की थी, लेकिन उसका नतीजा सब जानते हैं। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेपीएससी सिविल सेवा में हुई इस गड़बड़ी के लिए चेयरमैन एल खियांगते का इस्तीफा काफी नहीं है, बल्कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेएसएससी में भी काफी गंदगी है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह झारखंडी नौजवानों से जुड़ा ज्वलंत मुद्दा है और सरकार युवाओं को ठग रही है। 

बाबूलाल मरांडी ने सत्ता के शीर्ष पर उठाया सवाल
बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी और जेएसएससी के मातहत ली जाने भर्ती परीक्षाओं में जानबूझकर गड़बड़ी करवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चेयरमैन का इस्तीफा सुनने में बढ़िया लगता है, लेकिन सरकार मुख्य अभियुक्त को बचाने में लगी है। उन्होंने कहा कि यह सर्वविदित है कि यदि मामले की ढंग से जांच होगी तो किनका नाम होगा। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में बच्चों के लिए न्याय सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सीआईडी जांच केवल आईवॉश की खातिर हो रहा है। सत्ता में शीर्ष पर बैठे लोग यदि गड़बड़ी करते हैं तो कोर्ट में सही बात नहीं पहुंच पाती है। उन्होंने कहा कि उप-परीक्षा नियंत्रक की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन सवाल है कि नियुक्ति कैसे लोगों की हो गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह जब जेपीएससी से अधिकारी बनेंगे तो करप्शन वहीं से शुरू हो जाएगा। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ऐसी स्थिति में झारखंड का भ्रष्टाचार मुक्त होना नामुमकिन है। 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ओएमआर शीट में हेरा-फेरी की जा रही है। टीडीपीएल परीक्षा एजेंसी के तहत खेला किया गया है। उन्होंने कहा कि इसकी जवाबदेही से एल खियांगते कैसे बच सकते हैं? बाबूलाल मरांडी ने एल खियांगते के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। 
 

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