नंदलाल तुरी
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के आलोक में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का शुभारंभ आज पाकुड़ में किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी मिथलेश कुमार चौधरी, जिला योजना पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह, प्रशासक नगर परिषद अमरेन्द्र कुमार चौधरी और अंचलाधिकारी पाकुड़ अरबिंद कुमार बेदिया ने संयुक्त रूप से वीआईपी रोड, पाकुड़ से सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर आमजनों को यातायात नियमों का पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, ओवर-स्पीडिंग से बचाव तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने जैसे महत्वपूर्ण संदेशों के प्रति जागरूक करेगा।

इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएँ जीवन और संपत्ति की क्षति का एक प्रमुख कारण बनती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का थीम “सीख से सुरक्षा, टेक्नोलॉजी से परिवर्तन” है, जिसके तहत नागरिकों को यातायात नियमों की शिक्षा देकर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि जागरूकता रथ जिले के स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेश देगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
उपायुक्त मनीष कुमार ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए छोटी-छोटी सावधानियों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय चालक और पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग, ओवर-स्पीडिंग से बचना, वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियाँ न बैठाना और अनावश्यक हॉर्न का प्रयोग न करना आवश्यक है। इसके अलावा, वाहन चलाते समय हमेशा निर्धारित गति सीमा का पालन करें और केवल वैध लाइसेंसधारी व्यक्ति को ही वाहन चलाने की अनुमति दें।

उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा माह को पूरे महीने मनाने का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं है, बल्कि स्कूल और कॉलेज के छात्रों तक जागरूकता पहुंचाना है। सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और अनुशासित जीवन शैली आपस में गहराई से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि शराब के सेवन में कमी और नशे से दूर रहने से सड़क दुर्घटनाओं में सकारात्मक कमी देखी गई है। बीते एक वर्ष में जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
उपायुक्त ने बताया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, विशेषकर बाजार क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार स्पीड ब्रेकर का निर्माण किया गया है, ताकि यातायात को नियंत्रित कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विदित हो कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक मनाया जा रहा है। इस दौरान जिले में जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक, सेमिनार, वाहन जांच अभियान और शपथ कार्यक्रम जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम सक्रिय रूप से कार्यरत है।