रांचीः
बीजेपी की राष्ट्रीय मंत्री डॉ. आशा लकड़ा ने राज्य में खाद्यान्न संकट को देखते हुए राज्य सरकार से झारखंड कृषि उपज और पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) विधेयक-2022 में संशोधन करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल बिल के कुछ बिंदुओं पर आपत्ति व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने इसे राज्य सरकार को वापस कर दिया है। ऐसे में व्यवसायियों को धैर्य रखने की आवश्यकता है।

राज्य में खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो गया
उन्होंने राज्य के व्यवसायियों से अपील करते हुए कहा कि खाद्यान्न के आवक पर रोक न लगाएं। इससे राज्य में खाद्यान्न संकट उत्पन्न होने की संभावना है। खाद्यान्न के आवक पर रोक लगाने से जिन दुकानदारों के पास खाद्यान्न का स्टॉक होगा, वहां कालाबाजारी होने की संभावना है।

राज्य में खाद्यान्न संकट की स्थिति उत्पन्न ना हो
डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि खाद्य पदार्थों की कीमत में वृद्धि होने से आम जनता पर महंगाई का बोझ पड़ेगा। राज्य सरकार को व्यवसायियों को भरोसे में लेकर इस बिल में आवश्यक संसोधन करना चाहिए। कोरोना काल मे इन व्यवसायियों के सकारात्मक सहयोग के कारण ही खाद्यान्न संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। कोरोना काल में व्यवसायी वर्ग भी प्रभावित हुए हैं। इसलिए उन्हें भी नई कर प्रणाली से राहत देने की आवश्यकता है। फिलहाल राज्य सरकार को खाद्यान्न के आवक पर व्यवसायियों द्वारा लगाए गए रोक को समाप्त कराते हुए खाद्यान्न के आवक को सुगम बनाने की दिशा में उचित पहल करना चाहिए, ताकि राज्य में खाद्यान्न संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।