द फॉलोअप डेस्क
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी रांची मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज जिला सलाहकार समिति (PC & PNDT) की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान समिति द्वारा अल्ट्रासाउंड सेंटर के निबंधन, रिन्यूअल, संस्थानों को मशीन के फॉर्म-B में एंट्री, चिकित्सकों की ज्वायनिंग एवं यूएसजी मशीन खरीदने पर विचार-विमर्श किया गया। अल्ट्रासाउंड सेंटर के निबंधन और रिन्यूअल के लिए प्राप्त अभ्यावेदनों पर विचार-विमर्श करते हुए समिति द्वारा 12 सेंटर के निबंधन एवं 08 सेंटर के रिन्यूअल की स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके अतिरिक्त बैठक में समिति द्वारा संस्थानों को मशीन के फॉर्म-B में इंट्री एवं सर्टिफिकेट जांच के बाद चिकित्सकों की ज्वाइनिंग का अनुमोदन प्रदान किया गया। बैठक में सिविल सर्जन, डॉ. प्रभात कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पाण्डेय, डॉ. वंदीता, डॉ. एस. बास्की, डीपीएम, श्री प्रवीण कुमार सिंह, लीगल सेल से श्री भाष्कर त्रिवेदी, समिति सदस्य सहित अन्य सदस्य एवं PC & PNDT को-ऑर्डिनेटर श्री राकेश कुमार राय उपस्थित थे ।
आठ अस्पतालों का फिर से समीक्षा का निर्देश
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में जिला सूचीबद्धता समिति (District Empanelment Committee) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन, राँची, डॉ. प्रभात कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, उर्वशी पांडेय, नोडल पदाधिकारी आयुष्मान भारत, विशेषज्ञ चिकित्सक, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सहमति बनी कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क/किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों का चयन सख्त मानकों के आधार किया जाएगा। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (जिसे झारखंड में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के रूप में भी जाना जाता है) तथा मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (MASSY) के अंतर्गत अस्पतालों के पंजीकरण (Empanelment) की समीक्षा करना था। इन योजनाओं के तहत राज्य के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क/किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों का चयन सख्त मानकों के आधार पर किया जाता है। बैठक में समिति ने अस्पताल की सुविधाओं, चिकित्सा मानकों, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता तथा मरीज-केंद्रित सेवाओं की समीक्षा की गयी। बैठक में कुल 10 अस्पतालों के आवेदनों की समीक्षा की गई। 08 अस्पतालों की सुविधाओं एवं आवश्यक मानकों की गहन जांच हेतु पुनः निरीक्षण का निर्देश दिया गया है।
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