द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह कॉलेज के समीप शनिवार को जिला प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान बगैर किसी बड़ी पूर्व सूचना के बुलडोजर की कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासनिक टीम ने करीब 100 से अधिक अस्थायी दुकानों और ठेलों को हटाते हुए जमींदोज कर दिया।
कार्रवाई के खिलाफ प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने कुछ देर के लिए मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
स्थानीय दुकानदारों का कहना था कि प्रशासन द्वारा कुछ दिन पहले अतिक्रमण हटाने की बात कही गई थी, जिसपर लोगों ने अपनी दुकानों को स्वयं हटाना भी शुरू कर दिया था। बावजूद इसके प्रशासन ने बिना कोई अतिरिक्त नोटिस दिए सीधे बुलडोजर चलवा दिया, जिससे गरीब दुकानदारों की रोजी-रोटी पर गहरी चोट पड़ी है।
इधर, बेंगाबाद अंचलाधिकारी (CO) प्रयंका प्रियदर्शी ने बताया कि कॉलेज के आस-पास अतिक्रमण का अड्डा बन गया था। यहाँ अक्सर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता था। नशे के सामानों की खुलेआम बिक्री और सेवन की शिकायतें भी मिल रही थीं। छात्रों की सुरक्षा और कॉलेज परिसर की गरिमा को बनाए रखने के लिए यह अभियान चलाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र बनाने का उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक शांति सुनिश्चित करना है।

इस अभियान को लेकर शहर में दो धड़े बनते दिखाई दे रहे हैं, एक वर्ग इसे प्रशासनिक सख्ती और सुधार की दिशा में कदम बता रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे गरीब दुकानदारों पर प्रशासन की "मनमानी" करार दे रहा है। हालांकि, अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इन दुकानदारों के लिए कोई स्थायी ठिकाना उपलब्ध कराता है या नहीं, क्योंकि इनमें से कई लोग वर्षों से इसी जगह पर छोटे-मोटे व्यापार कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।
