द फॉलोअप डेस्क
पश्चिमी सिंहभूम जिले में अंतरराज्यीय पशु तस्करी का नेटवर्क एक बार फिर उजागर हुआ है। सोनुवा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 23 गौवंशीय पशुओं को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया है। हालांकि, पुलिस की घेराबंदी के बावजूद तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गये। जानकारी के अनुसार, पशुओं को ओडिशा से झारखंड के आनंदपुर के जंगलों के रास्ते सोनुवा होते हुए आगे ले जाया जा रहा था। यह रूट लंबे समय से तस्करों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर माना जाता रहा है, जहां रात के अंधेरे में अवैध परिवहन को अंजाम दिया जाता है।
हालांकि, सोनुवा थाना प्रभारी शशि बाला भेंगरा को मिली गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल बांसकटा-सोनुवा मार्ग पर पंसुआ गांव के पास जाल बिछाया। शुक्रवार रात की गई इस कार्रवाई में 23 पशुओं को जब्त कर लिया गया। पुलिस टीम सभी पशुओं को थाना ले आई है। इस संबंध में अज्ञात तस्करों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे तस्करी के संगठित नेटवर्क पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर स्थानीय सूत्रों की मानें तो इस इलाके से पकड़े गए पशुओं को अक्सर पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश तक पहुंचाया जाता है। यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है और समय-समय पर पुलिस कार्रवाई के बावजूद पूरी तरह टूट नहीं पाया है।
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