गिरिडीह
बिरनी प्रखंड के पलौंजिया निवासी विनय शरण, हर्ष सुमन एवं राहुल कुमार ने बिरनी सीओ पर उनकी पैतृक जमीन से जुड़े मामले में आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन को लेकर चल रहे विवाद में अंचल प्रशासन की भूमिका संदिग्ध रही है और कथित भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत कर विवादित भूमि का म्यूटेशन दूसरे पक्ष के नाम कराने की कोशिश की जा रही है।

अंचलाधिकारी ने क्या कहा
बिरनी अंचलाधिकारी ने आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि संबंधित रैयती जमीन वर्ष 2015-16 में ऑनलाइन हुई थी। इसके बाद विपक्षी पक्ष की ओर से आवेदन दिया गया, जिस पर कर्मचारी एवं सीआई की रिपोर्ट तथा एसडीओ के पूर्व आदेश के आधार पर कार्रवाई करते हुए मामला रद्द किया गया।
सीओ ने बताया कि वे बुधवार को स्वयं विवादित जमीन की जांच के लिए पहुंचे थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों पक्षों को फिलहाल जमीन पर किसी भी प्रकार का कार्य करने से रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में पूरी कार्रवाई विधि सम्मत की जा रही है और उनके खिलाफ लगाए गए अन्य सभी आरोप निराधार हैं।

105 डिसमिल पैतृक जमीन विवाद के केंद्र में है
वहीं, विनय शरण के अनुसार उनकी कुल 105 डिसमिल पैतृक जमीन विवाद के केंद्र में है। उनका आरोप है कि इसी जमीन में से 52-52 डिसमिल के दो हिस्सों की रजिस्ट्री विवादित होने के बावजूद कर दी गई। अब उसी रजिस्ट्री के आधार पर म्यूटेशन कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका उन्होंने विरोध किया है। उनका कहना है कि इस मामले में गिरिडीह सीजेएम कोर्ट द्वारा भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
