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पेंशन में देरी और पत्रकार को धमकी के विरोध में अमित मंडल का अनोखा प्रदर्शन, कफन पहनकर प्रखंड परिसर में लेटे

पेंशन में देरी और पत्रकार को धमकी के विरोध में अमित मंडल का अनोखा प्रदर्शन, कफन पहनकर प्रखंड परिसर में लेटे

द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
गोड्डा के पूर्व विधायक अमित मंडल ने पेंशन भुगतान में देरी और पत्रकार को धमकी दिए जाने के विरोध में अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। बसंतराय प्रखंड परिसर में अमित मंडल प्रखंड अध्यक्ष सोनू सिंह, सुरेश पासवान और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सफेद कफन पहनकर जमीन पर लेट गए। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पेंशनधारी, ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। अमित मंडल ने कहा कि गरीबों, बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को पेंशन का पैसा नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि जब गरीबों को उनका हक नहीं मिलेगा, तो वे अपना जीवनयापन कैसे करेंगे।


पेंशन नहीं मिलने पर सरकार को घेरा
अमित मंडल ने कहा कि पेंशन के इंतजार में बुजुर्ग लगातार प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर पेंशनधारियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। पूर्व विधायक ने कहा कि गरीबों को समय पर पेंशन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लंबित भुगतान को जल्द जारी किया जाए, ताकि जरूरतमंदों को राहत मिल सके। प्रदर्शन के दौरान अमित मंडल ने बसंतराय क्षेत्र में कथित अवैध बालू कारोबार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बालू के अवैध कारोबार से जुड़े लोग सच्चाई सामने लाने वाले एक पत्रकार को खुलेआम धमकी दे रहे हैं, जबकि पुलिस इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने थाना की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। पूर्व विधायक ने कहा कि पत्रकार को धमकी देने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।


मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
अमित मंडल ने कहा कि जब गरीबों को पेंशन नहीं मिलेगी और पत्रकारों को धमकियों का सामना करना पड़ेगा, तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना जरूरी हो जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि पेंशन का भुगतान सुनिश्चित करने और पत्रकार को धमकी देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। इस प्रदर्शन के जरिए उन्होंने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से दोनों मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।

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