द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड के कुसुम्बा गांव में 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में आज बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने कैंडल मार्च निकाला और काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके साथ उनके पिता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने डिस्ट्रिक्ट चौक में जिला प्रशासन का पुतला दहन कर अपना विरोध जताया। इस दौरान अंबा प्रसाद ने कहा कि पुलिस प्रशासन की नाकामी को देखते हुए इस अपराध की जांच CBI को सौंपी जाए और पीड़ित परिवार को मुआवजा और पुनर्वासन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राज्य में महिला आयोग बनाने की मांग भी दोहराई। अंबा प्रसाद ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा और बतौर अधिवक्ता वह हर संभव सहायता प्रदान करेंगी और मामले का न्यायिक कार्यवाही में समर्थन करेंगी। उन्होंने कहा कि यह घटना दिल्ली के निर्भया कांड से भी अधिक दर्दनाक और घृणित है और पुलिस प्रशासन की असंवेदनशीलता आम लोगों की सुरक्षा पर सवालिया निशान छोड़ती है।
अंबा प्रसाद ने इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने की भी मांग की। पत्र में उन्होंने कहा कि इतने दिनों के बाद भी हजारीबाग पुलिस अपराधियों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है, जो जिला पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि या तो पुलिस इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है, या वास्तविक तथ्यों को उच्च स्तर तक पहुंचने से रोका जा रहा है। अंबा प्रसाद ने राज्य सरकार से मांग की कि इस कांड का अनुसंधान CBI से कराया जाए, दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और पीड़िता के परिवार को मुआवजा एवं पुनर्वास प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से आम जनता का भरोसा डगमगा रहा है और इसे तुरंत सुधारने की आवश्यकता है।
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