द फॉलोअप डेस्क
पलामू जिले के विकास और जन समस्याओं को लेकर विधायक आलोक कुमार चौरसिया ने झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में सरकार से सवाल किया। विधायक ने मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और कचरा डम्पिंग से होने वाले स्वास्थ्य खतरों पर तारांकित प्रश्न पूछे, जिसके जवाब में सरकार ने करोड़ों की योजनाओं और आगामी रोडमैप का खुलासा किया है। विधायक आलोक चौरसिया ने सरकार से पूछा कि क्या कचहरी चौक से जी.एल.ए. कॉलेज और रेड़मा चौक से बैरिया चौक तक भारी जाम को देखते हुए फ्लाईओवर बनाने का विचार है। इसके जवाब में पथ निर्माण विभाग ने बताया कि मुख्य शहर में ट्रैफिक कम करने के लिए फ्लाईओवर या अन्य वैकल्पिक संरचनाओं की संभावना तलाशने हेतु डीपीआर (DPR) तैयार करने का निर्देश मुख्य अभियंता, रांची को दे दिया गया है। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि एनएचएआई (NHAI) द्वारा 11.820 किमी लंबी डालटेनगंज बाईपास का निर्माण अंतिम चरण में है, जिससे शहर के अंदर का दबाव काफी कम हो जाएगा।
शहर की स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर पूछे गए सवाल पर सरकार ने बड़ी घोषणा की है। विधायक ने चिंता जताई थी कि मंगरदाहा घाटी में कचरा डम्प करने और उसे जलाने से जहरीली गैसें फैल रही हैं। जवाब में नगर विकास एवं आवास विभाग ने बताया कि मेदिनीनगर नगर निगम के लिए 266.7076 करोड़ रुपये की लागत वाली 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना' (Solid Waste Management) को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। यह योजना पीपीपी (PPP) मोड पर संचालित होगी, जिससे शहर के कचरे का आधुनिक तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा। सरकार ने स्वीकार किया कि वर्तमान में शहर से 6 किमी दूर मंगरदाहा में कचरा फेंका जा रहा है। विधायक की मांग पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार की मदद से 'लीगेसी वेस्ट' (पुराना जमा कचरा) और 'सॉलिड वेस्ट' के निस्तारण की योजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं। जल्द ही वैज्ञानिक पद्धति से कचरे का निपटान शुरू होगा, जिससे स्थानीय निवासियों को प्रदूषित धुएं और बदबू से मुक्ति मिल सकेगी।
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