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गुमला की 8 एकड़ वन भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, पिलर और कांटेदार तारों से शख्स ने किया घेराव

गुमला की 8 एकड़ वन भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, पिलर और कांटेदार तारों से शख्स ने किया घेराव

गुमला: 
Gumla News: गुमला जिले के सिसई (Sisai) प्रखंड अंतर्गत भदौली पंचायत (Bhadauli Panchayat) के राजस्व (Revenue) ग्राम सकरौली के वन क्षेत्र में अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। वन भूमि पर कब्जे के प्रयास का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने विरोध जताया है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रखंड प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध कब्जे पर रोक लगाने की मांग की है।

8 एकड़ 77 डिसमिल वन भूमि घेरने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, सकरौली मंगुटोली निवासी ईरकन लकड़ा करीब 8 एकड़ 77 डिसमिल वन भूमि को अपना बताते हुए वहां सीमेंट के पिलर लगाकर कंटीले तार से घेराबंदी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त जमीन लंबे समय से वन विभाग के कब्जे में है और वहां पूर्व में वन विभाग द्वारा तीन बार नर्सरी तैयार कर पौधरोपण भी कराया जा चुका है।

ग्राम सभा में उठाया गया मामला
स्थानीय मवेशी चराने वाले ग्रामीणों से जानकारी मिलने के बाद गुरुवार को ग्राम प्रधान सुमन पहान की अध्यक्षता में ग्राम सभा की बैठक बुलाई गई। बैठक में ईरकन लकड़ा को भी बुलाया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। बैठक में ग्रामीणों ने वन भूमि की स्थिति और कथित कब्जे को लेकर विस्तार से चर्चा की। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग द्वारा पूर्व में जमीन की मापी कर सीमांकन भी किया जा चुका है। वर्तमान में उक्त भूमि पर विभिन्न प्रजातियों के बड़े पेड़ मौजूद हैं। इसके बावजूद जमीन पर बार-बार कब्जा करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से इस मामले का विरोध करते आ रहे हैं।

कई गांवों के ग्रामीण जंगल पर निर्भर
ग्रामीणों के अनुसार, सकरौली खास, ऊपर टोली, पतरा टोली, कुंबा टोली, मंगू टोली, विश्रामपुर, झटनी टोली, पोटरो, महुआडीपा, भदौली, कुदरा, निमडा, डाड़हा और शाम टोली समेत आसपास के कई गांवों के लोग इस जंगल पर निर्भर हैं। ग्रामीण शादी-विवाह और अंतिम संस्कार जैसे सामाजिक कार्यों के लिए जंगल से साल की लकड़ी और अन्य वन संसाधनों का उपयोग करते हैं। ऐसे में वन भूमि पर कथित कब्जे से ग्रामीणों में नाराजगी है।

वन विभाग की टीम ने किया स्थल निरीक्षण
मामले की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के पदाधिकारी कथित अवैध कब्जे वाली जगह पर पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया। वहीं, ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को ग्राम सभा की बैठक की प्रति सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से वन भूमि की स्थिति स्पष्ट करने और यदि कब्जा अवैध पाया जाता है तो उसे तत्काल रोकने की मांग की है। ग्राम सभा की बैठक में वार्ड सदस्य सह अध्यक्ष कृष्णा कुमार साहु, रामानंद सिंह, संजय वर्मा, सुनील उरांव, ललित उरांव, बंधनू उरांव, लक्ष्मी नारायण साहु, नारायण साहु, कर्मपाल उरांव, जितेश साहु, बजरंग साहु, संतोष साहु, गणेश साहु, रोपनी उरांव, बिरसमुनी देवी, कशीला देवी, द्रोपति देवी समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।

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