द फॉलोअप डेस्क
ऑल स्टेट बीएड-डीएलएड स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने JTET के परीक्षार्थियों को 20-25 प्रतिशत तक ग्रेस देने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष काजल मंडल ने कहा कि झारखंड में करीब दस साल बाद JTET परीक्षा आयोजित की गयी। पिछली बार 2016 में JTET की परीक्षा हुई थी। इसलिए परीक्षार्थियों को ग्रेस मार्क्स मिलना चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार को विशेष रूप से हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने ग्रेस मार्क्स दिए जाने के आलावा परीक्षा में कई तरह की विसंगति और अनियमितताओं का भी आरोप लगाया।

एसोसिएशन के नेताओं ने कहा कि पहले तो परीक्षा से पहले मॉडल प्रश्न पत्र जारी नहीं किया गया। इससे परीक्षार्थियों को परीक्षा के प्रारूप को समझने में काफी परेशानी हुई। इसके अलावा कुछ प्रश्नों में भी गलतियां रही। प्रश्न पत्रों की क्रम संख्या भी गलती की शिकायतें आयी हैं। एसोसिएशन ने समग्रता से परीक्षा से जुड़ी विसंगतियों पर विचार करते हुए परीक्षार्थियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। काजल मंडल ने याद दिलाया कि दस वर्ष बाद हुई जेटेट की परीक्षा के कारण हजारों की संख्या में अभ्यर्थी 2023 में हुए सहायक आचार्य के 26 हजार पदों के विरुद्ध आवेदन नहीं दे सके। हजारों की संख्या में छात्र-छात्राओं की उम्र सीमा पार कर गयी।
