रांची
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि झारखंड ऊर्जा विकास निगम के अंतर्गत राज्य के विभिन्न सप्लाई एरिया बोर्ड में कार्यरत मानव दिवस एवं आउटसोर्सिंग कर्मी लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, लेकिन विभाग अभी भी चिरनिद्रा में सोया हुआ है। श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर विभाग और संबंधित एजेंसियों की उदासीनता अत्यंत चिंताजनक एवं दुर्भाग्यपूर्ण है।

आधा दर्जन से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न सप्लाई एरिया में आधा दर्जन से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई कर्मियों की मृत्यु हुई है तथा कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बावजूद आज तक न तो विभाग और न ही संबंधित एजेंसियों द्वारा पीड़ित परिवारों को समय पर मुआवजा, आर्थिक सहायता या अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया है। यह संवेदनहीन रवैया श्रमिकों के साथ घोर अन्याय है। अजय राय ने कहा कि यदि सभी कर्मियों को निर्धारित सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी किट), सुरक्षा प्रशिक्षण एवं कार्यस्थल पर आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाता, तो अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता था। श्रमिकों की जान जोखिम में डालकर कार्य कराना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने राज्य सरकार एवं झारखंड ऊर्जा विकास निगम प्रबंधन से मांग की है कि सभी दुर्घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों एवं एजेंसियों पर कार्रवाई की जाए, मृतक एवं घायल कर्मियों के परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा राज्य के सभी सप्लाई एरिया बोर्ड में कार्यरत कर्मियों के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो संघ श्रमिक हित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
