गिरिडीह
बोड़ो स्थित हवाई अड्डे के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मापी और सर्वे का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य में किसी तरह की बाधा न आए। नागरिक उड्डयन विभाग ने गिरिडीह भवन प्रमंडल विभाग को इस परियोजना के लिए 60 करोड़ रुपये की राशि भी जारी कर कहा कि 900 मीटर के रनवे को योजना के मुताबिक इसकी लंबाई को बढ़ाकर 1800 मीटर कर दी जाएगा। इससे बेहतर हवाई संपर्क से स्थानीय व्यापार, उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल कारोबार आसान होगा, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है। जिससे बड़े विमानों के संचालन की संभावना बनेगी।
परियोजना के लिए 25,104 एकड़ भूमि का अधिग्रहण होगा
परियोजना के लिए कुल 25।04 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी है, जिसमें लगभग 17।94 एकड़ रैयती भूमि शामिल है। प्रशासन का लक्ष्य है कि अगले छह महीनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। अधिग्रहण पूरा होते ही प्रभावित रैयतों को मुआवजा दिया जाएगा और इसके बाद रनवे विस्तार समेत अन्य निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे।
पर्यटन सेक्टर को होगा फायदा पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी
गिरिडीह के आसपास प्राकृतिक व धार्मिक स्थलों तक पहुंचना आसान होने से पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी भी हो सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी से बाहरी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। गिरिडीह में प्राकृतिक सुंदरता और गहरी धार्मिक आस्था का अनूठा मिलन देखने को मिलता है। यहां के ऊंचे पहाड़, घने जंगल और शांत जलप्रपात पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यह क्षेत्र न केवल प्रकृति प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग है, बल्कि साल भर यहां विभिन्न धर्मों के श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों का भारी जमावड़ा लगा रहता है।
प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हवाई मार्ग से जुड़ने के बाद पर्यटकों पहुंचना आसान
प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जैन धर्मावलंबियों के लिए ' सम्मेद शिखरजी' (पारसनाथ पहाड़ी) तीर्थ, जहां 20 तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया था। आध्यात्मिक शांति के साथ यहां हरिहर धाम का विशाल शिवलिंग और लंगटा बाबा समाधि दर्शनीय हैं। प्रकृति प्रेमियों के लिए उसरी फॉल्स और एडवेंचर के लिए मशहूर खंडोली डैम हवाई मार्ग से जुड़ने के बाद पर्यटकों को यहां तक पहुंचना आसान हो जाएगा।