रांची
उन्नत एवं अत्याधुनिक दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) सर्जरी के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता का परिचय देते हुए राजधानी रांची स्थित राज हॉस्पिटल के एडवांस्ड जीआई एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. आशीष कुमार (मोदी) ने 30 वर्षीय एक युवती के दुर्लभ एवं जटिल लार्ज डायाफ्रामेटिक हर्निया का सफल ऑपरेशन किया। इस सफल सर्जरी से न केवल मरीज को कई महीनों से चली आ रही गंभीर श्वसन संबंधी परेशानियों से राहत मिली, बल्कि उसे इलाज के लिए झारखंड से बाहर जाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ी। यह उपलब्धि राज हॉस्पिटल में उपलब्ध उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञता को दर्शाती है। मरीज शक्ति देवी (30 वर्ष) पिछले छह से सात महीनों से लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ तथा सोने के दौरान असहजता जैसी समस्याओं से जूझ रही थीं। उन्होंने कई स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार कराया और दवाइयां भी लीं, लेकिन उनकी स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ। राज हॉस्पिटल्स में डॉ. आशीष कुमार (मोदी) से परामर्श लेने के बाद उनकी विस्तृत जांच एवं सीटी स्कैन (CECT Abdomen) कराया गया।

सांस लेने में गंभीर कठिनाई
जांच में एक दुर्लभ और गंभीर स्थिति का पता चला, जिसमें छोटी आंत, बड़ी आंत (ट्रांसवर्स कोलन एवं स्प्लेनिक फ्लेक्सर), प्लीहा (Spleen) तथा अग्न्याशय (Pancreas) सहित पेट के कई अंग डायाफ्राम में बने बड़े छिद्र के माध्यम से छाती के भीतर पहुंच गए थे। इसके कारण फेफड़ा और हृदय भी अपनी सामान्य स्थिति से खिसक गए थे, जिससे मरीज को सांस लेने में गंभीर कठिनाई हो रही थी। स्थिति की जटिलता को देखते हुए डॉ. आशीष कुमार (मोदी) ने दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने की योजना बनाई। इस प्रकार की उन्नत सर्जरी के लिए मरीजों को प्रायः दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों के बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाता है। इसके बावजूद मरीज और उनके परिजनों ने राज हॉस्पिटल्स की विशेषज्ञता और सुविधाओं पर भरोसा जताया। 26 मई 2026 को सर्जिकल टीम ने सफलतापूर्वक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को अंजाम दिया। ऑपरेशन के दौरान छाती में पहुंचे सभी अंगों को सावधानीपूर्वक उनकी सामान्य स्थिति में वापस स्थापित किया गया तथा डायाफ्राम में मौजूद छिद्र की मरम्मत कर उसे विशेष सर्जिकल मेश (जाली) से मजबूत किया गया।

सफल उपचार स्थानीय स्तर
सर्जरी पूरी तरह सफल रही और वर्तमान में मरीज स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं। इस जटिल ऑपरेशन की सफलता में राज हॉस्पिटल की बहु-विषयक चिकित्सा टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनेस्थीसिया टीम ने पूरे उपचार के दौरान अहम योगदान दिया। इस दौरान डॉ. प्रदीप का विशेष सहयोग तथा डॉ. पी. के. रैना, कंसल्टेंट ऑन्को सर्जन का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ। इस सफलता पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. आशीष कुमार (मोदी) ने ऑपरेशन थिएटर टीम, आईसीयू टीम, नर्सिंग स्टाफ तथा सभी सहयोगी विभागों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टीम की समर्पित सेवा, कुशल समन्वय और अथक प्रयासों के कारण ही मरीज को सफल उपचार प्रदान किया जा सका। यह उपलब्धि राज हॉस्पिटल की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत झारखंड के लोगों को राज्य के भीतर ही अत्याधुनिक सर्जिकल सुविधाएं और विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस प्रकार के जटिल मामलों का सफल उपचार स्थानीय स्तर पर कर अस्पताल मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता को कम कर रहा है।
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