द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा जिले में बैंकों की कार्यप्रणाली पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं डीएलसी/डीएलआरसी बैठक में कई बैंकों के खराब प्रदर्शन पर नाराजगी जताई गई। बैठक में सामने आया कि जामताड़ा का सीडी रेशियो (ऋण-जमा अनुपात) पूरे राज्य में सबसे निचले स्तर पर है। इस पर उपायुक्त ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों से सरकारी खाते और जमा राशि को अन्य बैंकों में स्थानांतरित किया जाएगा। खासतौर पर एक्सिस बैंक के खिलाफ कड़ा कदम उठाने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बैंकों की भूमिका बेहद अहम है, लेकिन कई बैंक इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। पीएमएफएमई योजना के 366 आवेदनों में से सिर्फ 37 की स्वीकृति पर उन्होंने नाराजगी जताई। बैंकों को शिक्षा और सरकारी प्रायोजित ऋण पर फोकस करने का निर्देश दिया गया। निजी बैंकों का प्रदर्शन कमजोर पाया गया, जबकि कृषि क्षेत्र में जेजीबी और एमएसएमई में आईसीआईसीआई बैंक बेहतर रहे। बैठक में डिजिटल बैंकिंग को सुरक्षित बनाने और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही पीएम सूर्य घर योजना के व्यापक प्रचार का निर्देश दिया गया। जनधन, केसीसी, मुद्रा लोन और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं में तेजी लाने की बात कही गई। लाभुकों के खातों में आने वाली राशि में किसी भी प्रकार की कटौती या होल्डिंग पर सख्त नाराजगी जताई गई। उपायुक्त रवि आनंद ने स्पष्ट कहा कि बैंकों की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर हाल में प्रदर्शन सुधारना होगा, अन्यथा कार्रवाई तय है। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, एलडीएम, आरबीआई और नाबार्ड के प्रतिनिधियों सहित सभी प्रमुख बैंक अधिकारी मौजूद रहे।
