द फॉलोअप डेस्क
रांची के नामकुम थाना क्षेत्र अंतर्गत हाजत में एक 12 वर्षीय बच्चे के अपहरण कर हत्या की गई। इस मामले में पुलिस ने जगाई मुंडा को बुधवार की रात गिरफ्तार कर हाजत में रखा था। गिरफ्तार आरोपी जगाई मुंडा ने गुरूवार तड़के 3 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोपी ने हाजत में मिले कंबल को फाड़कर फंदा बनाया और उसे गेट से बांधकर आत्महत्या कर ली। आरोपित की आत्महत्या के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गई। SSP राकेश रंजन ने थाना प्रभारी समेत 7 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। मृतक जागाई मुंडा राजमिस्त्री का काम करता था। वह अपने पीछे दो बेटियां और पत्नी छोड़ गया।

मामले में SSP ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि आरोपी खूंटी के साइको का रहने वाला था। उसका एक शादीशुदा महिला के साथ प्रेम संबंध था। रविवार को दोनों मिले थे इसी क्रम में दोनों के बीच कुछ विवाद हुआ, जिसके बाद 2 मार्च को आरोपी ने महिला के बेटे को रमेश हजाम का अपहरण कर लिया। आरोपी रमेश को रामगढ़ जिले के घाटो में ले जाकर हत्या कर दी और शव को दफना दिया। पुलिस ने जांच में खुलासा किया कि आरोपी, बच्चे के चेहरे को बुरी तरह से पत्थर से कुचल दिया था ताकि उसकी पहचान न हो पाये। मृतक की पत्नी पार्वती देवी एवं बेटा सिंगा मुंड़ा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि उन्हें थाना से फोन कर आधार लेकर नामकुम थाना बुलाया गया था। वहां पहुंचने के बाद पता चला कि जगाई मुंडा की मौत हो गई है। पुलिस का कहना है कि मृतक जगाई मुंडा हर महिने खूंटी में रहने वाली महिला से मिलने जाता था और खर्चा देता था।