द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
आज खूंटी से जमशेदपुर जाने के क्रम में चौका (NH-33) के समीप पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के सुरक्षा काफिले (कारकेड) में शामिल एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आयी। पूर्व मुख्यमंत्री व उनके काफिले में शामिल सुरक्षाकर्मी बाल बाल बच गए। इसके लिए अर्जुन मुंडा ने ईश्वर का हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि इस दुर्घटना में मुझे और मेरी सुरक्षा में तैनात किसी भी जवान को कोई क्षति नहीं पहुंची।
लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक विषय है कि राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के लिए उपलब्ध कराए जा रहे वाहनों की स्थिति बेहद खराब है। यह केवल मेरी सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि दिन-रात अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले सुरक्षाकर्मियों के जीवन से भी जुड़ा गंभीर मामला है। मेरे कार्यालय द्वारा इस संबंध में बार-बार संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर वाहनों की जर्जर स्थिति, बार-बार उत्पन्न होने वाली तकनीकी खराबियों तथा सुरक्षा पर पड़ रहे प्रभाव से अवगत कराया गया है। वाहन संबंधी पत्राचार का विवरण निम्नलिखित है:
दिनांक 28.07.2024 — पत्रांक 10453
दिनांक 22.08.2024 — पत्रांक 10476
दिनांक 19.04.2025 — पत्रांक 10740
दिनांक 11.09.2025 — पत्रांक 10905
दिनांक 09.03.2026 — पत्रांक 11133
दिनांक 29.06.2026 — पत्रांक 11298

इसके अतिरिक्त, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा भी दिनांक 14.03.2026 को पत्रांक 08/सुरक्षा(II)-01/2025, ज्ञापांक 1645 के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई हेतु पत्र जारी किया गया था। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। केवल सामान्य मरम्मत कर वाहनों को पुनः भेज दिया जाता है और कुछ ही समय बाद वही तकनीकी समस्याएं फिर सामने आने लगती हैं। साथ ही आज तक सुरक्षा हेतु कोई भी समीक्षा भी विभाग के द्वारा नहीं की गयी, जो घोर लापरवाही है। हैरानी की बात है कि अत्यंत पुराने और जर्जर वाहन भी सुरक्षा काफिले में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। वाहनों पर सायरन और झंडे जैसी पहचान की व्यवस्था नहीं होने से अन्य वाहन चालकों को सुरक्षा काफिले का पता नहीं चल पाता और कई बार दूसरी गाड़ियां कारकेड के बीच में घुस जाती हैं। इससे सुरक्षा व्यवस्था और भी प्रभावित होती है। शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो, जब इन वाहनों में कोई तकनीकी समस्या सामने न आती हो।