बोरियो/साहिबगंज:
झारखंड के साहेबगंज जिले के बोरियो में गुरुवार (22 अक्टूबर 2026) को झारखंड स्तरीय मयरा (मैरा) मोदक समाज महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह महासम्मेलन समाज की पहचान, अधिकारों, जाति प्रमाणपत्र से जुड़ी समस्याओं तथा युवाओं के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम का आयोजन साहिबगंज जिला अंतर्गत बोरियो प्रखंड के शिबू सोरेन जनजातीय डिग्री कॉलेज में किया जाएगा। कार्यक्रम का निर्धारित समय सुबह 10:00 बजे से है तथा मुख्य कार्यक्रम सुबह 11:00 बजे प्रारंभ होगा।

जाति प्रमाणपत्र में नाम की विसंगति प्रमुख मुद्दा
महासम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य झारखंड सरकार के जाति प्रमाणपत्र पोर्टल JharSewa पर मयरा (मैरा) मोदक समाज के नाम से संबंधित विसंगति को दूर कराने की दिशा में ठोस पहल करना है। समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार, सरकारी अभिलेखों एवं संबंधित सूचियों में समुदाय के नाम के उल्लेख और JharSewa पोर्टल पर उपलब्ध प्रविष्टियों में अंतर होने के कारण कई अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से उन युवाओं के सामने समस्या उत्पन्न होती है, जो सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक अवसरों के लिए आवेदन करते हैं।
समाज का कहना है कि इस विसंगति का नियमानुसार समाधान होना चाहिए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को केवल नाम की असंगति के कारण अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

अब तक किए गए प्रयासों की होगी समीक्षा
इस विषय को लेकर समाज के प्रतिनिधियों एवं युवाओं द्वारा संबंधित सरकारी विभागों के समक्ष आवेदन, दस्तावेज और सामुदायिक समर्थन प्रस्तुत किए गए हैं। समाज की मांग है कि प्रासंगिक सरकारी अभिलेखों, पूर्व की अनुशंसाओं और वर्तमान पोर्टल प्रविष्टियों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। महासम्मेलन में अब तक किए गए प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही, संबंधित विभागों के समक्ष समस्या को प्रभावी ढंग से रखने, आगे की प्रशासनिक कार्रवाई, आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया और भविष्य की रणनीति पर सामूहिक चर्चा की जाएगी।
युवाओं का भविष्य और सामाजिक एकता भी एजेंडे में
यह महासम्मेलन केवल जाति प्रमाणपत्र की समस्या तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें समाज के युवाओं को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और करियर मार्गदर्शन से जोड़ने, ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय एवं मार्गदर्शन व्यवस्था विकसित करने तथा समाज की मातृभाषा बांग्ला के संरक्षण और संवर्धन जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी।
आयोजन समिति का प्रयास है कि महासम्मेलन में लिए गए निर्णय केवल चर्चा तक सीमित न रहें, बल्कि उनके क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट कार्ययोजना भी तैयार की जाए।