द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर के सिदगोड़ा बाजार स्थित सब्जी मंडी में बुधवार देर रात लगभग 2 बजे अचानक भीषण आग लग गई। जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के कुछ ही मिनटों में लपटों ने सब्जियों की दुकानों, गोदामों और किराना स्टॉलों सहित दर्जनभर से अधिक दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में करीब 30 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धधकती आग को सबसे पहले स्थानीय लोगों ने देखा। शोर मचने पर आसपास के दुकानदार मौके पर पहुंचे और बाल्टियों व टंकियों का पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन लपटों की तेजी के आगे सभी प्रयास नाकाम साबित हुए। इसी दौरान एक महिला अपनी दुकान को धू-धू कर जलते देख बेबस होकर रोती रही, क्योंकि उसकी वर्षों की कमाई कुछ ही पलों में राख में बदल गई।
इधर, सूचना मिलते ही सिदगोड़ा थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची। इसके बाद दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक अजीत चंद्र और राजू राव की सब्जी दुकानें, दीना प्रसाद की बड़ी किराना दुकान, और तीन बड़े सब्जी गोदाम, साथ ही आलू-प्याज व हरी सब्जियों की 16 छोटी-बड़ी दुकानें पूरी तरह जल चुकी थीं।.jpg)
दुकानदारों ने बताया कि आग यदि कुछ देर और भड़कती, तो बाजार की सैकड़ों अन्य दुकानें भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। कई लोगों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि दमकल की त्वरित कार्रवाई ने बड़ी तबाही को रोका है, भले ही नुकसान बहुत ज्यादा हुआ हो।
स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन पर सुरक्षा उपायों में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सिदगोड़ा मंडी में इससे पहले भी कई बार आग की घटनाएं हो चुकी हैं। वर्ष 2019 में भी इसी तरह की भयंकर आग यहां लगी थी, लेकिन आज तक बाजार में आग से सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम नहीं किये गये। पुलिस ने फिलहाल पूरे इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, ताकि पता लगाया जा सके कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या किसी ने इसे जानबूझकर फैलाया। उधर, प्रशासन ने नुकसान का विस्तृत आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित दुकानदारों की सूची तैयार की जा रही है। वहीं स्थानीय लोग अब प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।