सितेश कुमार/हजारीबाग:
Jharkhand News: हजारीबाग (Hazaribagh) के पानीमाको जंगल (Panimako Forest) से सामने आई अपहरण की वारदात (Kidnapping in Hazaribagh) ने पुलिस को भी चौंका दिया है। दरअसल, 9 सितंबर की शाम हथियारबंद अपराधियों ने ठेकेदार पंचम महतो और उनके साथ काम करने वाले फीटर रामलाल हासंदा का अपहरण कर लिया। परिजनों को धमकाकर 2 लाख रुपये की फिरौती (Ransom) मांगी गई और रकम वसूलने के बाद अगले दिन सुबह दोनों को छोड़ दिया गया। मामला सामने आते ही पुलिस ने जांच तेज की। विष्णुगढ़ SDPO फौजान अहमद (SDPO Faizan Ahmad) के नेतृत्व में SIT गठित हुई। तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जब कड़ियां जोड़नी शुरू कीं, तो कहानी ने ऐसा मोड़ लिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

जिसे पीड़ित मान रही थी पुलिस वही था मास्टरमाईंड
जिस रामलाल हासंदा को पुलिस अपहरण का पीड़ित मानकर जांच कर रही थी, वही कथित तौर पर पूरी साजिश का मददगार निकला। पुलिस ने गिरिडीह के पचम्भा निवासी छोटू किस्कू उर्फ घोरला और विष्णुगढ़ निवासी रामलाल हासंदा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने मिलकर अपहरण और फिरौती की साजिश रची थी।
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पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा
छोटू किस्कू की निशानदेही पर वारदात के समय पहनी गई चितकबरी टी-शर्ट और 2,500 रुपये नकद, जबकि रामलाल हासंदा के पास से 2,000 रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, छोटू किस्कू का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उसके खिलाफ गिरिडीह के पचम्भा थाने में पहले से मामला दर्ज है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जिस अपहरण की कहानी में साथी खुद को पीड़ित बता रहा था, पुलिस की जांच में वही कथित तौर पर साजिश का हिस्सा निकला।