द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग जिले के गोरहर पाँति पीरी जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में आज सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। इस मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी नक्सली सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश सहित तीन नक्सली मारे गए हैं। इस मुठभेड़ को लेकर DGP अनुराग गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मारे गए नक्सलियों का इतिहास खून और हिंसा से भरा रहा है। उन्होंने बताया कि इन नक्सलियों ने एक बार 137 रायफल लूट ली थी और बिहार में 10 पुलिसकर्मियों की हत्या में भी इनकी संलिप्तता रही है। साथ ही, झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के पुत्र की हत्या में भी इन्हीं नक्सलियों का हाथ था। इस ऑपरेशन को नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
बता दें कि यह कार्रवाई हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन के नेतृत्व में कोबरा बटालियन और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। मारे गए नक्सलियों में सहदेव सोरेन, जो सेंट्रल कमिटी का सदस्य था और कई बड़ी नक्सली घटनाओं का मास्टरमाइंड माना जाता है, शामिल है। इसके अलावा रघुनाथ हेंब्रम, जो 25 लाख का इनामी और झारखंड-बिहार ज़ोन का इंचार्ज था, तथा बिरसेल गंझू उर्फ रामखेलावन, 10 लाख का इनामी और रीजनल कमांडर, भी इस मुठभेड़ में मारे गए। तीनों नक्सली झारखंड और बिहार में हुई कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं।
मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और नक्सलियों का सामान भी बरामद किया गया है। इनमें तीन AK-47 राइफलें (मैगजीन सहित), 63 जिंदा राउंड, छह भरे हुए मैगजीन, तीन मैगजीन पाउच, एक सैमसंग गैलेक्सी टैब, कई पेन ड्राइव, दो माइक्रो एसडी चिप, एक SSD (स्टोरेज डिवाइस), ₹200 के 17 नोट, 100 रुपये के 19 नोट, चार माओवादी पर्चे, ग्रेनेड के स्प्लिंटर, सॉन्ग, लीवर और छह सिरिंज/इंजेक्शन शामिल हैं। इस मुठभेड़ को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे नक्सलियों के नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा है। सुरक्षाबलों का अभियान अब भी जारी है।
