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26 पशु चिकित्सकों को मिला नियुक्ति पत्र, सीएम ने कहा कृषि सिर्फ अर्थव्यवस्था ही नहीं, मानव व्यवस्था को भी करती है मजबूत

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द फॉलोअप डेस्क
कृषि सिर्फ अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि मानव व्यवस्था को भी मजबूत करती है। विशेषकर, झारखंड जैसे राज्य की "आत्मा" कृषि में बसती है। क्योंकि यहां की 70 प्रतिशत आबादी कृषि और पशुधन से जुड़ी है। ये बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना-सह-कृषक पाठशाला के लिए सूचीबद्ध एजेंसीज और पशुधन आपूर्तिकर्ताओं के साथ एमओयू और नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि इसलिए सरकार का कृषि और किसानों के विकास पर विशेष फोकस रहा है। किसानों-पशुपालकों के स्वावलंबी, सशक्तीकरण और आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में किसान पाठशाला के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि और कृषि कार्य के आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।

बजट में चार हज़ार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि का प्रावधान
किसानों की जरूरतों और आवश्यकताओं को कैसे पूरा किया जाए
, इस दिशा में नीति निर्धारण करने के साथ कई योजनाएं शुरू किए जाने की बात सीएम ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में कृषि के लिए चार हज़ार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि का प्रावधान रखा है।  किसानों को सशक्त बनाने के लिए हरित ग्राम योजना, दीदी बाड़ी योजना और किसान पाठशाला जैसी योजनाओं के साथ तालाब निर्माण, कूप निर्माण और सिंचाई परियोजनाओं को मजबूत किया जा रहा है। वहीं, पशुधन योजनाओं से किसानों को जोड़ा जा रहा है । इसके अलावा वन उपज को बढ़ावा देने के लिए सिदो -कान्हू कोऑपरेटिव फेडरेशन की बनाई गई है। इन सभी का मकसद किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार ने कृषि उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है। नए राइस मिल खोले जा रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में लैम्प्स-पैक्स को मजबूत करने के साथ गोदाम तथा कोल्ड स्टोरेज बनाया जा रहा है।

32 वर्षों बाद हुई कृषि पदाधिकारियों की नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में
32 वर्षों के बाद कृषि पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसका मकसद कृषि से जुड़े कार्यों और खेती के लिए किसानों को सहयोग करना है। आज किसान खेतिहर मजदूर बनते जा रहे हैं। ऐसे में किसानों को कृषि से जोड़े रखने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। दूसरी ओर पशुधन योजना के तहत दिए जाने वाले पशुओं के इंश्योरेंस की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने कहा कि किन्ही वजहों से मवेशियों की मौत होने पर किसानों को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समृद्ध किसानों -पशुपालकों के पशुओं के इंश्योरेंस के लिए भी बैंकों से बातचीत की जाएगी।

17 एजेंसियों के साथ एमओयू, 26 पशु चिकित्सकों को मिला नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में किसान पाठशाला के लिए 17 सूचीबद्ध कार्यकारी एजेंसियों और पशुधन आपूर्तिकर्ताओं के साथ एमओयू हुआ। इस मौके पर सीएम ने 26 पशु चिकित्सकों और 7 कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मौके पर कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री की प्रधान सचिव वंदना डाडेल, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीक, कृषि निदेशक चंदन कुमार सिंह निदेशक उद्यान निसार अहमद, कृषि विभाग के विशेष सचिव प्रदीप हजारी और अपर सचिव अंजनी कुमार समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे।

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