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गुमला में PAHAL परियोजना के तहत 15 PVTG परिवारों को मुर्गी पालन से स्थायी आजीविका का लाभ

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द फॉलोअप डेस्क
गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के मार्गदर्शन एवं सतत मॉनिटरिंग में, आकांक्षी प्रखंड डुमरी के औरापाठ गांव में नीति आयोग द्वारा पोषित “Path to Advancement and Holistic Action for Livelihood in Aurapath (PAHAL)” परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन जारी है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से PVTG (Particularly Vulnerable Tribal Groups) समुदाय के परिवारों के समग्र एवं स्थायी विकास को सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में औरापाठ, डुमरी में ‘पहल’ परियोजना के अंतर्गत मुर्गी पालन गतिविधि के तहत 15 PVTG परिवारों को जीविकोपार्जन बढ़ाने के लिए मुर्गियों का वितरण किया गया। कार्यक्रम का क्रियान्वयन नीति आयोग द्वारा, जिला प्रशासन के नेतृत्व में ISDG Research Foundation, Ranchi के सहयोग से किया गया। प्रत्येक चयनित परिवार को 100 देसी नस्ल की मुर्गियाँ, 100 किलोग्राम मुर्गी चारा, 2 ड्रिंकर और 2 फीडर प्रदान किए गए। इसके अलावा, प्रत्येक लाभुक के निवास स्थल पर डिस्प्ले बोर्ड स्थापित किया गया है, जिससे परियोजना की पहचान और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। लाभुकों को मुर्गी पालन से संबंधित पूर्व में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है, ताकि वे वैज्ञानिक पद्धति से पालन कर आय में वृद्धि कर सकें।
उल्लेखनीय है कि ‘पहल’ परियोजना के अंतर्गत औरापाठ क्षेत्र में बुनियादी सिंचाई अवसंरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ कृषि और पशुपालन आधारित गतिविधियों को चरणबद्ध रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। परियोजना के तहत कुल 43 PVTG परिवारों को स्थायी आजीविका से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम के अवसर पर डुमरी प्रखंड की प्रखंड प्रमुख जीवंती एक्का उपस्थित रही। जिला प्रशासन द्वारा परियोजना की नियमित समीक्षा कर इसके प्रभावी और परिणामोन्मुख क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि औरापाठ क्षेत्र का समग्र एवं दीर्घकालिक विकास संभव हो सके।

 

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