द फॉलोअप डेस्क
राष्ट्रीय यक्ष्मा दिवस के अवसर पर नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए 76 मेडिकल ऑफिसरों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने वर्ष 2029 तक झारखंड को टीबी मुक्त राज्य बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारी को जड़ से समाप्त करना है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उनमें राज्य में 1200 डॉक्टरों,7500 ANM एवं GNM,1200 नए सब-सेंटर का निर्माण, जिसके लिए लगभग 10,000 मैनपावर की जल्द बहाली की जाएगी।
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मंत्री ने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य नीतियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली के कारण अब बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से भी डॉक्टर यहां सेवा देने के लिए आ रहे हैं। डॉक्टरों को अब भरोसा है कि राज्य का नेतृत्व एक डॉक्टर के हाथों में है, जो उनकी पीड़ा और जिम्मेदारियों को समझता है। इस अवसर पर टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले टीबी चैंपियंस, सहियाओं एवं एनजीओ को सम्मानित किया गया। साथ ही टीबी जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो गांव-गांव जाकर जागरूकता फैलाएगा।राज्य में 100 दिवसीय टीबी जागरूकता अभियान चलाने की घोषणा भी की गयी। मंत्री ने यह भी घोषणा की कि खून की कमी से जूझ रहे मरीजों के लिए जल्द ही टोल-फ्री ब्लड सपोर्ट सिस्टम शुरू किया जाएगा, जिससे जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके। पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया अपनायी जाएगी।

विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में 9.5 लाख लोगों की टीबी जांच की गई। वर्ष 2026 में 12 लाख जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन एवं पारदर्शी रही। डॉक्टरों को स्वेच्छा से स्थान चयन की सुविधा दी गयी, इसलिए बाद में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।
