लातेहार
झारखंड में लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर के बीच लातेहार जिले के हेरहंज और लातू क्षेत्रों में एक मानवीय पहल देखने को मिली। कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रसिद्ध समाजसेवी बबन कुमार ने गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल का वितरण किया। इस सेवा कार्य का उद्देश्य ठंड से जूझ रहे वंचित परिवारों को राहत पहुंचाना था, ताकि शीतलहर के प्रकोप से उन्हें कुछ हद तक सुरक्षा मिल सके।
इससे पहले रांची जिले की पंचायत सिंगपुर अंतर्गत टोंगरा टोली में भी बबन कुमार की ओर से कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ठंड और शीतलहर के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में विशेष रूप से आदिवासी गरीब और असहाय महिलाओं को प्राथमिकता दी गई। कंबल पाकर महिलाओं के चेहरे पर राहत और संतोष साफ नजर आया। ग्रामीण महिलाओं ने समाजसेवी बबन कुमार के प्रति स्नेह व्यक्त करते हुए उन्हें दिल से आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम के दौरान बबन कुमार ने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और जब तक संभव होगा, वे जरूरतमंदों के लिए ऐसे परोपकारी कार्य करते रहेंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि समाजसेवी प्रयास के तहत अगले वर्ष 25 से 50 गरीब एवं असहाय लड़कियों की शादी कराने की योजना है, ताकि आर्थिक अभाव के कारण किसी बेटी का भविष्य प्रभावित न हो।

गौरतलब है कि झारखंड में इस समय शीतलहर का व्यापक असर देखा जा रहा है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान तेजी से गिरा है। रांची में न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम है। राज्य में लगातार 14 दिनों से न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। रांची में अधिकतम तापमान 22.2 डिग्री दर्ज किया गया, जिससे दिन में भी हल्की ठंडक बनी रही और मौसम पूरी तरह शुष्क रहा।
मौसम केंद्र, रांची की 28 दिसंबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 24.3 और न्यूनतम 10.5 डिग्री, डाल्टनगंज में अधिकतम 24.8 और न्यूनतम 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बोकारो थर्मल में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री और चाईबासा में अधिकतम 27 डिग्री रहा। वहीं रांची के बाद सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन पर 2.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
ऐसे हालात में समाजसेवी बबन कुमार की यह पहल न केवल जरूरतमंदों के लिए राहत का साधन बनी, बल्कि समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता का सकारात्मक संदेश भी देकर गई।
