रांची
गोवा के नाइट क्लब में गैस सिलेंडर विस्फोट में झारखंड के तीन युवकों की मौत के बाद सोमवार सुबह उनके पार्थिव शरीर रांची एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने श्रद्धांजलि दी और परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। मृतकों में रांची जिले के लापुंग प्रखंड, फतेहपुर गांव के दो सगे भाई — प्रदीप महतो और विनोद महतो, तथा खूंटी के कर्रा प्रखंड, गोविंदपुर निवासी मोहित मुंडा शामिल थे। बंधु तिर्की परिजनों के साथ शव लेकर पैतृक गांवों तक पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हुए। पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल रहा।

“रोजगार के लिए मजबूर पलायन, झारखंड के लिए अभिशाप”
इस मौके पर बंधु तिर्की ने कहा कि तीनों युवक छह महीने पहले रोजगार की तलाश में गोवा गए थे। उन्होंने घटना को “बेहद दुखद और झारखंड की आर्थिक मजबूरी” से जुड़ी त्रासदी बताया। तिर्की ने मांग की कि—
• गोवा सरकार हादसे की निष्पक्ष जांच कराए
• लापरवाही पाए जाने पर क्लब संचालकों पर कार्रवाई हो
• पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा मिले
उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार की ओर से मृतकों के परिवार को 50–50 हजार रुपये दिए गए हैं और एक–एक लाख रुपये की अतिरिक्त राशि जल्द देने की प्रक्रिया शुरू है। तिर्की ने कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की की पहल की सराहना की, लेकिन साफ कहा, “इस तरह की घटनाओं का सबसे बड़ा कारण है — रोजगार के लिए पलायन। सरकार को तुरंत एक ठोस कार्य–योजना बनानी होगी ताकि हमारे युवाओं को घर से बाहर जाने की मजबूरी न रहे।”
सदन में उठेगा पलायन का मुद्दा
बंधु तिर्की ने कहा कि मौजूदा सत्र में पलायन को लेकर सदन में बहस होनी चाहिए और सरकार को रोजगार सृजन के लिए राज्य-स्तरीय रोडमैप पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं झारखंड को एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि युवाओं को सुरक्षित भविष्य देने के लिए स्थानीय स्तर पर मजबूत अवसर तैयार करना अब अनिवार्य है।
