रांची
पलामू जिले में चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियुक्ति अब लिखित परीक्षा के आधार पर की जाएगी। यह जानकारी वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने दी। उन्होंने बताया कि पहले जारी विज्ञापन में नियुक्ति अंक के आधार पर प्रस्तावित थी, लेकिन अभ्यर्थियों ने इसे लेकर आपत्ति जताई थी और मांग की थी कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के लिए लिखित परीक्षा अनिवार्य हो। विदित हो कि उच्चतम न्यायालय ने पूर्व में पलामू जिले में हुई चतुर्थ वर्गीय नियुक्तियों को रद्द कर दिया था और उपायुक्त को छह महीने के भीतर नई प्रक्रिया के तहत नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने पुनः विज्ञापन जारी कर अंक आधारित चयन का प्रावधान किया था। यह मामला वित्त मंत्री ने कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष उठाया, जिस पर गंभीरता दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने पहले नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।

11 जुलाई 2025 को हुई मंत्री परिषद की बैठक में एक बार फिर राधाकृष्ण किशोर ने इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर कैबिनेट ने लिखित परीक्षा के माध्यम से नियुक्ति की मंजूरी दी। इसके बाद मुख्य सचिव अलका तिवारी ने उपायुक्त पलामू को इसके अनुरूप प्रक्रिया अपनाने का निर्देश जारी कर दिया है।
