रांची
कोलकाता के हीरालाल मजूमदार महिला महाविद्यालय में हाल ही में बंगाल इंस्टिट्यूट ऑफ पॉलिटिकल स्टडीज द्वारा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। विषय था – “शासन व समकालीन विश्व व्यवस्था”, जिसमें देश-विदेश से कई नामी व्याख्याता और शोधार्थी शामिल हुए।
झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूजे) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग से डॉ. विभूति भूषण विश्वास के नेतृत्व में शोधार्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस सम्मेलन में शामिल हुआ। इस दल में अविनाश कुमार, पूजा कुमारी, बिन्नी कुमारी, डॉली कुमारी, सोलिका रानी, अभिषेक कुमार, ऋषि मरांडी और दौलत कुमार राय शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के विभिन्न पहलुओं पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए।

इस दौरान विभाग की शोधार्थी बिन्नी कुमारी को उनके शोधपत्र “India and FIPIC cooperation in the Indo–Pacific region: Opportunities, Challenges, and Strategic Pathways” (भारत और एफआईपीआईसी का हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग: अवसर, चुनौतियाँ और सामरिक मार्ग) के लिए सर्वश्रेष्ठ शोध प्रस्तुति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मेलन आयोजकों ने झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल का विशेष स्वागत किया और शोध गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

डॉ. विश्वास ने मौके पर मौजूद विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए व्याख्याताओं और शोधार्थियों से सीयूजे के दल का परिचय कराया। उन्होंने छात्रों को शोध-अभिरुचि विकसित करने, समकालीन बहस से जुड़ने और समाज को करीब से समझने के लिए ऐसे आयोजनों में नियमित भाग लेने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि “सामाजिक विज्ञान के छात्रों के लिए समाज ही प्रयोगशाला है। अलग-अलग जगहों पर जाकर, नए लोगों से मिलकर और विभिन्न विचारों से रूबरू होकर ही शोध को और गहराई दी जा सकती है।”
विभागाध्यक्ष और मानविकी व सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन, डॉ. आलोक कुमार गुप्ता ने सभी शोधार्थियों की सराहना करते हुए बिन्नी कुमारी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
