रांची
राज्य की स्थानीय नीति, रोजगार, आरक्षण और मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों को लेकर आल इंडिया मुस्लिम यूथ एसोसिएशन (आमया) ने बड़ा ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि 4 अगस्त को मानसून सत्र के दौरान झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा। यह निर्णय शनिवार को अंजुमन इस्लामिया कांफ्रेंस हॉल, रांची में आयोजित आमया की राउंड टेबल बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष एस. अली ने कहा कि झारखंडी युवाओं को स्थानीय नीति लागू नहीं होने के कारण रोजगार से वंचित किया जा रहा है। वहीं राज्य के 13 अनुसूचित जिलों में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा, जिससे आबादी के अनुपात में उनकी भागीदारी प्रभावित हो रही है।

एस. अली ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय से जुड़े नीतिगत मामलों में भी सरकार उदासीन है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 68 से ज्यादा मॉब लिंचिंग की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन मॉब लिंचिंग निवारण विधेयक 2021 में संशोधन कर उसे लागू नहीं किया गया। फाजिल और बीएड डिग्रीधारी उर्दू शिक्षकों को माध्यमिक आचार्य पद से वंचित रखा गया है, और मदरसा की आलिम एवं फाजिल डिग्री परीक्षा को झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने लेने से इंकार कर दिया है, लेकिन सरकार रांची विश्वविद्यालय के माध्यम से परीक्षा कराने में भी टालमटोल कर रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 4401 स्वीकृत उर्दू शिक्षक पदों में से शेष 3712 पदों को वर्ष 2013 और 2016 में टेट पास अभ्यर्थियों से भरने के बजाय पद ही सरेंडर किए जा रहे हैं। उर्दू एकेडमी के गठन, हज हाउस में जेपीएससी और यूपीएससी कोचिंग प्रारंभ करने, मुस्लिम धार्मिक स्थलों की जमीन पर पट्टा देने जैसे मुद्दे वर्षों से लंबित हैं। यहां तक कि झारखंड के हज यात्रियों को रांची एयरपोर्ट से रवाना करने की सुविधा की भी अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

बैठक में शामिल थे कई केंद्रीय पदाधिकारी
बैठक में आमया संगठन के केंद्रीय पदाधिकारी जियाउद्दीन अंसारी, लतीफ आलम, सफदर सुल्तान, मो. औरंगजेब, एकराम हुसैन, अफताब आलम, अब्दुल गफ्फार, हाफिज जान मोहम्मद, अंजुम खान, मोदस्सिर अहरार, अयूब अंसारी, फिरोज अंसारी, सिद्दीक अंसारी, तहमीद अंसारी, अफसर आलम, असलम अंसारी, इमरान जिलानी, अलाउद्दीन अंसारी, जावेद अंसारी, शाहबाज हुसैन, नाजीर हुसैन सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
