द फॉलोअप डेस्क
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) ने भारत सरकार पर प्रेस की स्वतंत्रता को कुचलने का गंभीर आरोप लगाया है। यह प्रतिक्रिया तब सामने आई जब भारत में ब्रिटेन की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी रॉयटर्स और उससे जुड़े अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स को अचानक ब्लॉक कर दिया गया। एक्स का दावा है कि 3 जुलाई को आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत केंद्र सरकार ने 2,355 अकाउंट्स को ब्लॉक करने का निर्देश दिया, जिसमें रॉयटर्स और ReutersWorld भी शामिल थे।
एक्स की ग्लोबल अफेयर्स टीम के अनुसार, आदेश के एक घंटे के भीतर ही सभी अकाउंट्स को बिना किसी ठोस कारण के बंद कर दिया गया। कंपनी का कहना है कि प्रभावित यूजर्स को न कोई चेतावनी दी गई और न ही अपील का कोई रास्ता छोड़ा गया। एक्स ने यह भी जोड़ा कि अगर उसने इस आदेश की अवहेलना की होती तो उसे आपराधिक सजा भुगतनी पड़ सकती थी।

सरकार के इस कदम को लेकर एक्स ने सार्वजनिक बयान जारी कर कहा, "भारत में पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाम लगाने की कोशिशें हो रही हैं। हम इस स्थिति से चिंतित हैं और हर कानूनी विकल्प पर विचार कर रहे हैं।" प्लेटफॉर्म ने यह भी सलाह दी है कि जिनके अकाउंट ब्लॉक किए गए हैं, वे न्यायिक राहत के लिए अदालत का रुख करें।
गौरतलब है कि एक्स इससे पहले भी मार्च महीने में केंद्र सरकार पर आईटी कानूनों के दुरुपयोग का आरोप लगा चुका है। कर्नाटक हाई कोर्ट में एक याचिका में कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट के श्रेया सिंघल फैसले का हवाला देते हुए कहा था कि सरकार अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश लगाने के लिए कानून का गलत इस्तेमाल कर रही है।
