logo

चीन से आ रहे जहाज पर अमेरिकी कब्जे के बाद ईरान का US से बातचीत से इनकार, कहा- ‘हथियारबंद समुद्री डकैती’ का जवाब देंगे 

SHIP0011.jpg

द फॉलोअप डेस्क 

चीन से आ रहे एक ईरानी जहाज पर अमेरिकी कब्जे के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत संभावनाओं पर पूरी तरह से रोक लग गई है। ईऱान ने इस अमेरिकी कार्रवाई का विरोध करत हुए कहा है कि वो ‘हथियारबंद समुद्री डकैती’ का जवाब देगा। इससे दुनिया की नज़रें अब सीज़फ़ायर के भविष्य पर टिक गई हैं। मिली खबरों में बताया गया है कि घंटों चले गतिरोध के बाद अमेरिकी मरीन ईरानी जहाज़ पर चढ़ गये औऱ इसे कब्जे में ले लिया। अब यह चिंता बढ़ गई है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीज़फ़ायर टूट सकता है। ऐसा तब हुआ जब अमेरिका ने कहा कि उसने एक ईरानी मालवाहक जहाज़ को ज़ब्त कर लिया है, जिसने उसकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की थी, और ईरान ने जवाबी कार्रवाई की कसम खाई।

शांति स्थापित करने के प्रयास खतरे में

इस घटना के बाद मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने के प्रयास खतरे में पड़ गये हैं। क्योंकि ईरान ने कहा कि वह बातचीत के दूसरे दौर में हिस्सा नहीं लेगा, जिसे अमेरिका सीज़फ़ायर खत्म होने से पहले शुरू करने की उम्मीद कर रहा था। बता दें कि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी है, जबकि ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले समुद्री यातायात पर अपनी नाकेबंदी हटा दी थी। लेकिन ताजा घटना के बाद उसने फिर से नाकेबंदी लागू कर दी है।  इस जलडमरूमध्य से आमतौर पर दुनिया की लगभग पांचवां हिस्सा तेल की आपूर्ति होती है।

वहीं, अमेरिकी सेना ने कहा कि रविवार को छह घंटे चले गतिरोध के बाद उसने ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह की ओर जा रहे ईरानी झंडे वाले एक मालवाहक जहाज़ पर गोलीबारी की, जिससे उसके इंजन बंद हो गए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि इसके बाद अमेरिकी मरीन हेलीकॉप्टरों से रस्सी के सहारे जहाज़ पर उतरे। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "जहाज़ अब पूरी तरह से हमारे कब्ज़े में है, और हम देख रहे हैं कि जहाज़ पर क्या-क्या है!"

जहाज़ चीन से आ रहा था

ईरानी सेना ने बताया कि जहाज़ चीन से आ रहा था। सरकारी मीडिया के अनुसार, सेना के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम चेतावनी देते हैं कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान की सशस्त्र सेना  जल्द ही अमेरिकी सेना द्वारा की गई इस 'हथियारबंद समुद्री डकैती' का जवाब देगी और जवाबी कार्रवाई करेंगी।"

दूसरी ओर, बाजार पर भी इसका देखने को मिला। तेल की कीमतें 5% से ज़्यादा बढ़ गईं और शेयर बाज़ारों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, क्योंकि व्यापारियों को इस बात की चिंता सता रही थी कि सीज़फ़ायर टूट जाएगा। खाड़ी क्षेत्र में आने-जाने वाला समुद्री यातायात न्यूनतम स्तर पर ही बना रहेगा। 

तेहरान ने नई शांति वार्ता को ठुकराया

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि तेहरान ने नई शांति वार्ता को ठुकरा दिया है। इसके लिए उसने मौजूदा नाकेबंदी, धमकी भरी बयानबाजी, और वॉशिंगटन के बदलते रुख और "अत्यधिक मांगों" का हवाला दिया गया है। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मदरेज़ा आरिफ ने सोशल मीडिया पर लिखा, "कोई भी ईरान के तेल निर्यात पर रोक लगाकर, दूसरों के लिए मुफ्त सुरक्षा की उम्मीद नहीं कर सकता।" उन्होंने आगे कहा, "विकल्प साफ है: या तो सभी के लिए एक मुक्त तेल बाजार हो, या फिर सभी को भारी कीमत चुकाने का जोखिम उठाना पड़ेगा।"

इससे पहले, ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान ने उनकी शर्तें मानने से इनकार किया, तो अमेरिका ईरान के हर पुल और पावर प्लांट को तबाह कर देगा। इस तरह की धमकियां देने का उनका यह हालिया सिलसिला जारी है।


 

Tags - Iran Refuses Talks US American Seizure Ship Vows to Respond Armed Piracy Internationa। Internationa। News Big Internationa। News Breaking Internationa। News Country News Breaking News।atest News Big News