द फॉलोअप डेस्क
ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध के कारण आज शेयर मार्केट पर काफी बुरा प्रभाव देखा जा रहा है। सेंसेक्स मार्केट खुलते ही लगभग 704. नीचे जाकर रुका, हालांकि समय बीतने के बाद इसमें थोड़ा सुधार देखा जा रहा है। इसी तरह निफ्टी फिफ्टी भी आज 173. नीचे आकर खुला, उसमें भी फिलहाल थोड़ा सा सुधार देखा जा रहा है। लेकिन ईरान और इजराइल के बीच युद्ध में अमेरिका के कूदने के कारण पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होने के कगार पर है। खासकर क्रूड ऑइल की कीमत में वृद्धि की आशंका को देखते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था आज आशंकित है।
दुनिया के देशों को लग रहा है कि ईरान और इजराइल के बीच युद्ध के कारण तेल सप्लाइ पर प्रभाव पड़ेगा इस कारण तेल के दाम में वृद्धि देखी जा सकती है। जिसका सबसे अधिक असर भारत पर भी पड़ सकता है। यहां मालूम हो कि भारत विश्व का बहुत बड़ा तेल आयातक देश है, भारत में तेल का उत्पादन कम होने के कारण इसे मध्य एशिया, रूस, व अमेरिका जैसे देशों से तेल आयात करना पड़ता है। बता दें कि लाल सागर के रास्ते तेल के आने के कारण ईरान अगर उस रास्ते पर व्यवधान खड़ा करता है तो तेल की आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ सकता है। हालांकि केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री पूरी ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास तेल का पर्याप्त भंडार है फिलहाल भारत को तेल आपूर्ति में व्यवधान से किसी तरह का कोई प्रभाव पढ़ने की संभावना नहीं है। इस तरह भारत फिलहाल कम चिंतित है, हालांकि चिंता भारत में भी है।
यहां मालूम हो कि कल अहले सुबह अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर जबरदस्त बमबारी की थी। इस बमबारी के कारण ईरान के परमाणु पावर प्लांटों को क्षति पहुंचाया गया है। इसके साथ ही अमेरिका ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने जवाबी हमला किया तो उसे लेने के देने पड़ सकते है। इस पूरी परिदृश्य के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने के कगार पर है। हालाँकि कल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से टेलीफोन पर बातचीत की और इस तनाव को कम करने की दिशा में पहल की है। विश्व के अन्य देश भी इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में प्रयासरत हैं।