द फॉलोअप डेस्क
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि भारत ने अमेरिकी सामानों पर लगाए जाने वाले आयात शुल्क को 'घटाकर ज़ीरो' करने की पेशकश की है। हालांकि ट्रंप का कहना है कि यह फैसला अब 'बहुत देर' से आया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "हम भारत के साथ बहुत कम बिज़नेस करते हैं, लेकिन वो हमारे साथ बड़े पैमाने पर कारोबार करते हैं। बीबीसी डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा, "हम उनके सबसे बड़े क्लाइंट हैं, लेकिन हमारे सामान को भारत में जगह नहीं मिलती। भारत ने हम पर सबसे ऊँचे टैरिफ़ लगाए हैं। अब जाकर उन्होंने टैरिफ़ ज़ीरो करने की पेशकश की है, लेकिन यह कदम सालों पहले उठाना चाहिए था।"

ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि भारत रूस से तेल और सैन्य उपकरण बड़े पैमाने पर खरीदता है, जबकि अमेरिका से बहुत कम। उन्होंने लिखा, "भारत हमारे साथ दशकों से एकतरफ़ा रिश्ता निभाता आया है। अब हालात बदलने का वक्त है।"
इसी बीच ट्रंप के व्यापार सलाहकार रहे पीटर नवारो ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। नवारो ने कहा, "यह निराशाजनक है कि पीएम मोदी चीन में एससीओ शिखर सम्मेलन में दुनिया के दो सबसे बड़े तानाशाहों — शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन — के साथ मंच साझा कर रहे थे।"

नवारो ने भारत की रूस से तेल खरीद पर भी सवाल उठाए और कहा, "शांति का रास्ता आंशिक रूप से नई दिल्ली से होकर जाता है। मोदी को आगे आना चाहिए और रूस से तेल ख़रीदना बंद करना चाहिए। भारत और चीन दशकों से टकराव में रहे हैं, ऐसे में पुतिन और शी जिनपिंग के साथ उनकी तस्वीरें देखकर कोई तुक नहीं बनता।"
ट्रंप और नवारो लंबे समय से भारत को 'टैक्स का महाराजा' बताते रहे हैं और बार-बार यह दावा करते हैं कि अमेरिका के साथ भारत का व्यापारिक रिश्ता असंतुलित है। वहीं, भारत इन आरोपों को 'अनुचित और अव्यावहारिक' बताता रहा है।
