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मिसाइल हमले में मारे गये बच्चों की तस्वीर, जूते और स्कूल बैग लेकर इस्लामाबाद पहुंचा ईरानी डेलिगेशन

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द फॉलोअप डेस्क:

युद्धविराम के समझौतों पर बातचीत करने के लिए आज ईरान का डेलिगेशन इस्लामाबाद पहुंचा. इस दौरान एक दिलचस्प तस्वीर नजर आई. ईरानी डेलिगेशन फ्लाइट की खाली सीटों पर उन बच्चों की तस्वीर, जूते और स्कूल बैग रखकर इस्लामाबाद पहुंचा, जो कथित तौर पर अमेरिकी हवाई हमलों में मारे गए थे. ये उसी फ्लाइट का वीडियो और तस्वीरें हैं जिसमें बैठकर ईरान का डेलिगेशन इस्लामाबाद पहुंचा है. आप देख सकते हैं कि फ्लाइट की खाली सीटों पर मासूम बच्चों की तस्वीर के साथ उनके खून से सने जूते और स्कूल बैग रखा है.

 

दुनिया को क्या दिखाना चाहता है ईरान
ईरान ने संभवत दुनिया को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि उसके देश में अमेरिका और इजराइल का हमला कितना अन्यायपूर्ण था. कैसे अमेरिकी और इजराइली सेना ने ईरान में मासूम लोगों को निशाना बनाया. दरअसल, जिनेवा समझौते के प्रावधानों के मुताबिक किसी भी सैन्य संघर्ष के दौरान कोई देश दूसरे देश के आम नागरिकों पर हमला नहीं कर सकता. ईऱान पर अमेरिकी और इजराइली हमले की शुरुआत में ही मिनाब एलिमेंट्री स्कूल में मिसाइल गिराया गया था जिसमें 150 से ज्यादा बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी. हालांकि, अमेरिका और इजराइल ने इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया था. 

ईरान पर अमेरिका-इजराइल ने क्यों अटैक किया
गौरतलब है कि ईरान पर परमाणु हथियारों के लिए यूरेनियम इकट्ठा करने और अमेरिका-इजराइल को नुकसान पहुंचाने का इरादा रखने वालों को समर्थन देने का आरोप लगाकर प्रेसिडेंट डोनॉल्ड ट्रंप और पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य संघर्ष छेड़ा. इस हमले में अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कई सैन्य प्रतिष्ठान नष्ट हुए हैं. रिहायशी इलाकों को भी काफी नुकसान पहुंचा है. डोनॉल्ड ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह ईरान के तेल भंडारों पर कब्जा करना चाहते हैं. इस संघर्ष में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो चुकी है. अब आखिरकार युद्धविराम पर समझौते के लिए इस्लामाबाद में बैठक हो रही है. 

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