द फॉलोअप डेस्क
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा किया है कि उनकी पहल और कूटनीति के चलते दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध टल गए, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ संघर्ष विराम भी शामिल है। हालांकि भारत सरकार ने इस दावे को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि युद्धविराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों की आपसी बातचीत से हुआ था, न कि किसी बाहरी दखल से।
फॉक्स न्यूज़ के "सीन हैनिटी शो" में बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे पर हमले कर रहे थे, उनके लड़ाकू विमान गिराए जा रहे थे। यह तनाव परमाणु युद्ध की कगार तक पहुंच गया था, लेकिन मैंने हस्तक्षेप कर हालात को संभाल लिया। मेरी पहली प्राथमिकता हमेशा जिंदगियां बचाना रही है।”

ट्रंप ने आगे कहा कि यदि उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो छह बड़े युद्ध भड़क सकते थे। उन्होंने थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हाल ही में हुए तनाव को भी अपनी एक और कूटनीतिक सफलता बताया।
हालांकि, भारत ने इन बयानों को पहले भी कई बार खारिज किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में स्पष्ट किया था कि भारत और अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हुई थी। उनका कहना था कि न तो व्यापार से और न ही किसी अन्य विषय से युद्धविराम का संबंध था, और उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच कोई संवाद भी नहीं हुआ।

जयशंकर ने यह भी जोड़ा कि फरवरी में हुआ भारत-पाक समझौता दोनों देशों के DGMO (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स) के स्तर पर हुई सीधी बातचीत का नतीजा था।
गौरतलब है कि ट्रंप खुद को वैश्विक शांति के पैरोकार के रूप में पेश करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए 10 से 12 दिन का समय दिया है। हालांकि, इन बयानों की न तो कोई पुष्टि की गई है और न ही इनके समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश किए गए हैं।
