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साइबर ठगों का रजिस्टर खोल रहा राज, फ्रॉड का लेखा–जोखा ऐसे रखते हैं

साइबर ठगों का रजिस्टर खोल रहा राज, फ्रॉड का लेखा–जोखा ऐसे रखते हैं

रांची:
Cyber Fraud News: त्योहारों के मौसम में साइबर ठगी के मामले लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। रांची में साइबर ठगी के एक मामले की जांच के दौरान पुलिस को ऐसे रजिस्टर मिले हैं, जिनमें ठगी से जुड़े फोन नंबरों और पैसों का हिसाब दर्ज किया गया था। पुलिस ने 11 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से मिले 25 रजिस्टरों में दर्ज जानकारियों की जांच की जा रही है। ऐसे में आशंका है कि इन रजिस्टरों में कई लोगों के मोबाइल नंबर भी दर्ज हो सकते हैं।

25 रजिस्टरों में दर्ज हैं ठगी से जुड़ी जानकारियां
पुलिस की जांच में साइबर ठगी से जुड़े रजिस्टर मिलने का मामला सामने आया है। इन रजिस्टरों में ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए फोन नंबरों समेत अन्य जानकारियां दर्ज होने की बात कही गई है। पुलिस अब इन रजिस्टरों की पड़ताल कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि गिरोह ने किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी का नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर फैला हुआ है।

ठगी की कमाई का भी रखा जाता था पूरा हिसाब
साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य केवल लोगों को ठगने तक सीमित नहीं थे, बल्कि ठगी से हासिल रकम का भी पूरा हिसाब रखते थे। इसके लिए अलग-अलग रजिस्टरों का इस्तेमाल किया जाता था। इनमें ठगी से मिली रकम और उससे संबंधित जानकारियां दर्ज की जाती थीं। पुलिस इन रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि ठगी की कुल रकम और पैसे के लेन-देन से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।

किराये के फ्लैट में चल रहा था साइबर ठगी का धंधा
रांची में साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। खबर के अनुसार, गिरोह किराये के फ्लैट से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ और बरामद रजिस्टरों की जांच के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों तथा उसके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
मोबाइल और लैपटॉप से चल रहा था ठगी का नेटवर्क
साइबर अपराधी मोबाइल और लैपटॉप के जरिए लोगों को निशाना बना रहे थे। इस मामले में सामने आया है कि ऑनलाइन ठगी के साथ-साथ उससे जुड़ा लेखा-जोखा रजिस्टरों में भी रखा जाता था। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी की रकम कहां भेजी जाती थी और इस नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।

अनजान कॉल और संदिग्ध लिंक से रहें सतर्क
त्योहारों के दौरान साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अनजान नंबरों से आने वाली कॉल पर अपनी बैंकिंग या निजी जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं। यदि कोई संदिग्ध कॉल या ठगी का मामला सामने आता है, तो तत्काल इसकी शिकायत साइबर पुलिस से करें। साइबर सुरक्षा के लिए सतर्कता जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करके अपनी निजी जानकारी साझा करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

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