द फॉलोअप डेस्क
झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय ने नैक ग्रेड रिव्यू में A+ पाया है। यह झारखंड का एक मात्र विश्वविद्यालय है जिसे A+ ग्रेड मिला है। इस अवसर पर कुलपति, प्रो. क्षिति भूषण दास ने विश्वविद्यालय के सभी प्राध्यापकों, पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के विज्ञान सभागार में संबोधित किया और औपचारिक रूप से नैक ग्रेड ए+ को घोषित किया। उन्होंने इस सफलता के लिए विश्वविद्यालय के सभी लोगों के सामूहिक प्रयास को समर्पित किया है।.jpg)
उन्होंने इस अवसर पर कहा कि "अगर हम अपने सारे प्रयास को एक दिशा में लगाकर एक लक्ष्य पर केंद्रित होकर मेहनत करें तो हम उसे हासिल कर सकते हैं। और फिर हमें आगे के लक्ष्य पर ध्यान लगाकर काम करना चाहिए और एक बेंचमार्क स्थापित करना चाहिए। इस विश्वविद्यालय से हमारा परिचय है, आज हम बी से ए+ ग्रेड पर आए हैं इसे बनाए रखकर विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय और बेहतर बनाने के लिए संकल्पित होकर काम करना है।"
इस अवसर पर नैक समन्वयन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष, प्रो. के बी पंडा भी मौजूद थे जिनके नेतृत्व में नैक सेल ने यह उपलब्धि पाई है। प्रो. के. बी. पंडा ने कुलपति की सराहना की कि उनके कुशल नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने यह लंबी छलांग लगाई है। 
औपचारिक कार्यक्रम की शुरुआत एवं संचालन विश्वविद्यालय के कुलसचिव, के कोसल राव ने किया। उन्होंने ने भी सभी के कार्य की सराहना की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी, प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थी मौजूद थे। इस खबर से पूरे विश्वविद्यालय, पूर्व छात्रों और विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों में हर्ष का माहौल है।
DVV प्रक्रिया से मिली लंबी छलांग
प्रो. के बी पंडा ने बताया कि "इस वर्ष फरवरी में सीयूजे में नैक पीयर टीम के रिव्यू के बाद सीयूजे को A ग्रेड मिला था। विश्वविद्यालय ने नैक प्रक्रिया के अनुसार ग्रेड को दोबारा रिव्यू करने का अनुरोध किया था जिसे नैक ने मान लिया था। पहले स्तर के रिव्यू में सीजीपीए अंक कुछ बढ़े जिसमें नैक के सात पैरामीटर में से कुछ क्षेत्रों में रिव्यू से असंतुष्ट होने पर विश्वविद्यालय ने फिर से रिव्यू का अनुरोध किया जिसे नैक ने फिर माना और अंतिम रिव्यू में डाटा वैलिडेशन एवं वेरिफिकेशन (DVV) के बाद अंक बढ़कर 3.27 हो गया। सीयूजे नैक A+ पाने वाले झारखंड का पहला और एक मात्र विश्वविद्यालय बन गया है।
शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में कर रहा निरंतर प्रगति
ज्ञात हो कि सीयूजे पिछले चार वर्ष में शैक्षणिक एवं शोध के क्षेत्र में लगातार अच्छा कार्य कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत और राज्य सरकार के सहयोग से विश्वविद्यालय विकास की और अग्रसर है और विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा देने के प्रति कटिबद्ध है। विश्वविद्यालय पिछले चार वर्ष में नैक ग्रेड बी से नैक ग्रेड ए प्लस (A+) हासिल किया है। साथ की शोध के क्षेत्र में विश्वविद्यालय निरंतर अग्रसर है और प्रो. दास के नेतृत्व में लगभग ₹ 40 करोड़ की परियोजनाएं चल रही। 500 किलोवाट का सोलर पावर स्टेशन, अत्याधुनिक रिमोट एक्सेस लाइब्रेरी, प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, लैंग्वेज लैब, मल्टीमीडिया स्टूडियो एवं कम्युनिटी रेडियो स्थापित किए गए हैं।
इसके अलावा विश्वविद्यालय संपूर्ण रूप से अपने स्थाई परिसर से 3000 विद्यार्थियों के लिए कार्य कर रहा और अपने सारे शैक्षिक कार्य अकादमिक कैलेंडर के अनुसार पूर्ण कर रहा। वहीं विश्वस्तरीय शिक्षा देने के उद्देश्य से दक्षिण कोरिया, चीन, जापान, जर्मनी और चिली के विश्वविद्यालयों के साथ समझौते और शोध सहयोग पर कार्य हो रहा है। देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ विश्वविद्यालय के प्राध्यापक जुड़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर का शोध और नवाचार कर रहे हैं। विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट पिछले चार वर्षों में 70 प्रतिशत से ऊपर चला गया है। ये सब विश्वविद्यालय के सभी कर्मठ प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के सहयोग से कुलपति प्रो. क्षिति भूषण दास के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में संपन्न हुआ है।