जामताड़ा:
‘द फॉलोअप’ में खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद एक बार फिर जामताड़ा की सड़कों पर खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। जामताड़ा प्रखंड के गोपालपुर पंचायत स्थित आदिवासी बहुल गांव शहरबेड़ा में पिछले 13 महीनों से अधूरी पड़ी करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य मंगलवार से दोबारा शुरू कर दिया गया है। सड़क निर्माण कार्य शुरू होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन
दरअसल, सोमवार को ‘द फॉलोअप’ ने "जामताड़ा के शहरबेड़ा में 1 साल से अधूरी पड़ी 2 किमी सड़क, ग्रामीणों का ऐलान- 'रोड नहीं, तो वोट नहीं'" शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। रिपोर्ट में ग्रामीणों की नाराजगी, सड़क की जर्जर स्थिति और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी को सामने रखा गया था। खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन और संबंधित निर्माण विभाग सक्रिय हुए। इसके बाद छुट्टियों के बावजूद सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया गया।
21 अगस्त 2025 को हुआ था सड़क का शिलान्यास
जानकारी के मुताबिक, 21 अगस्त 2025 को स्थानीय विधायक ने डीबीसी पारा से शहरबेड़ा तक करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था। हालांकि, शिलान्यास के 13 महीने बाद भी सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो सका था। ग्रामीणों का आरोप था कि ठेकेदार और संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण सड़क का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ था।
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बारिश में तालाब में तब्दील हो जाता था रास्ता
सड़क का निर्माण अधूरा रहने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बारिश के मौसम में सड़क पर जलजमाव होने से रास्ता तालाब में तब्दील हो जाता था। इससे गांव के लोगों का आवागमन प्रभावित होता था और उन्हें मुख्य मार्ग तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

जलजमाव वाले स्थानों पर मिट्टी और डस्ट डालने का काम जारी
प्रशासनिक सक्रियता के बाद मंगलवार से सड़क पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। फिलहाल जलजमाव वाले स्थानों और गड्ढों को भरने के लिए मिट्टी और डस्ट (छाई) डालने का काम किया जा रहा है। सड़क निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने से गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही सड़क का निर्माण पूरी तरह पूरा कर लिया जाएगा।
ग्रामीणों ने ‘द फॉलोअप’ का जताया आभार
सड़क निर्माण कार्य शुरू होने पर स्थानीय ग्रामीणों ने ‘द फॉलोअप’ की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद ही प्रशासन और संबंधित विभाग सक्रिय हुए। ग्रामीणों ने कहा, "यदि ‘द फॉलोअप’ ने हमारी समस्या को प्रमुखता से नहीं दिखाया होता, तो शायद 13 महीने से रुका यह काम आगे भी अधूरा में ही लटका रहता।" अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि सड़क का निर्माण जल्द पूरा होगा और उन्हें आवागमन की परेशानी से राहत मिलेगी।